मंडी अटेली। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली (एनजीटी) के आदेशों की उल्लंघन कर अवैध खनन करने पर अटेली पुलिस ने माइनिंग विभाग की शिकायत पर डंफर चालक व मालिक तथा ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
11 जून 2021 को अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस द्वारा बजाड़ नाके पर नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान एक डंपर चालक को 48 मिली टन बजरी के साथ कब्जे में लिया गया। एनजीटी के नियमों के मुताबिक बजाड़ नाके में सीज किया गया। इसी वाहन को मई 2020 में गुरुग्राम में भी पकड़ा गया। उस समय वाहन चालक व मालिक द्वारा तत्कालीन खनन अधिकारी के समक्ष पेश किए दस्तावेजों के आधार पर खनिज की कीमत, रॉयल्टी व जुर्माना राशि 4 लाख 30 हजार 250 रुपए का जुर्माना लगाया था। उक्त जुर्माना राशि को भरने पर डंपर 19 जून को वाहन को छोड़ दिया गया था। मगर बजाड़ नाके पास पकड़ने जाने के बाद लगाई गई जुर्माना राशि के लिए वाहन मालिक व चालक कार्यालय से संपर्क नहीं करने पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेेशानुसार माइनिंग विभाग ने डंपर चालक व उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
इसी प्रकार जून 2021 में श्यामपुरा कुंजपुरा सड़क मार्ग के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली को 4 मिली टन पत्थर सहित हिरासत में लिया था। जिस पर नियम अनुसार जुर्माना लगाया था, लेकिन उसने उक्त वाहन मालिक द्वारा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश 19 फरवरी 2020 के अनुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि, खनिज की कीमत, रॉयलटी व जुर्माना राशि जमा करवाने हेतू कार्यालय में आकर जुर्माना राशि भरने मे असमर्थता जाहिर की व 27 अगस्त 2021 को कार्यालय में आकर अपना ब्यान दर्ज करवाया। उक्त वाहन पहले भी 26 मार्च 2021 को अवैध खनिज परिवहन के जुर्म में गांव अटेली मंडी में पकड़ा गया था। वाहन मालिक द्वारा तत्कालीन खनन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि, खनिज की कीमत, रॉयलटी व जुर्माना राशि 214000 रुपये सरकारी खजाने में जमा करवाने उपरांत वाहन को 5 अप्रैल 2021 को छोड़ दिया गया था। मगर अब जुर्माना राशि जमा नहीं करवाने पर एनजीटी के आदेशानुसार माइनिंग विभाग ने उक्त चालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।