महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ के मनोविज्ञान विभाग द्वारा संशोधन पद्धति और अकादमिक लेखन पर आधारित दो सप्ताह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम की सोमवार को शुरूआत हो गई।
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत संकाय सदस्यों के शोध कौशल और अकादमिक लेखन क्षमताओं का विकास करना है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में मूल्य आधारित शोध की संस्कृति का उल्लेख करते हुए इसे अकादमिक व सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
आयोजन में विशिष्ट अतिथि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक की प्रो. शालिनी सिंह ने सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में होने वाले शोध को व्यक्ति विशेष के जीवन में आने वाले बदलावों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम की निदेशक व हकेंवि की मानविकी और सामाजिक विज्ञान पीठ की अधिष्ठाता प्रो. पायल कंवर चंदेल ने प्रस्तुत किया। आयोजन के सह निदेशक डाॅ. विष्णु कुचेरिया ने आयोजन के आरंभ में कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि 4 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों के 26 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रो. राजीव कुमार सिंह, प्रो. सुशीला सोरिया, डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मीणा, डाॅ. सुमन, डाॅ. केआर पलसानिया, डाॅ. रवि प्रताप पांडे, डाॅ. प्रदीप कुमार और डाॅ. मोहित ने सक्रिय योगदान दिया।