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Mahendragarh-Narnaul News: छोटे रास्तों पर बसों की कटौती, यात्री परेशान

Tue, 15 Apr 2025 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर- 07टिकट लेने के लिए लगी लंबी लाइन। संवाद
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नारनौल। नारनौल डिपो से सोमवार को 44 बसें हिसार में आयोजित कार्यक्रम के लिए भेजी गईं। बसों को जिले के विभिन्न गांवों से सुबह करीब 5 बजे हिसार रवाना किया गया।
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कार्यक्रम में बस जाने से महेंद्रगढ़, कनीना, सतनाली, अटेली, रेवाड़ी, सिंघाना, कोटपूतली, नांगल चौधरी और निजामपुर आदि छोटे रूटों पर संचालित बसों में कटौती की गई। इस कारण छोटे रूटों पर पड़ने वाले गांवों से पढ़ाई, खरीदारी, नौकरी और मजदूरी करने के लिए आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। दैनिक यात्रियों ने बताया कि छोटे रूट पर एक से दो घंटे के अंतराल पर बस का संचालन रहता है, लेकिन बस की कमी के कारण सोमवार को बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

इंसेट
लंबे रूट भी रहे प्रभावित

नारनौल डिपो से लोगों की सुविधा के लिए प्रतिदिन 145 बसों का संचालन किया जाता है। इसमें से 125 बस हरियाणा रोडवेज और 20 बस किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित हैं। सोमवार को केवल 101 बसों का संचालन किया गया। लंबे रूट पर अन्य डिपो से आने वाली बसों का आवागमन सोमवार को बंद रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं सीट नंबर सहित टिकट प्राप्त करने के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी रही।
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इंसेट

लोगों ने निजी बसों और राजस्थान की बसों में किया सफर

लंबे रूट पर बसों का संचालन नियमित रखा गया, लेकिन लंबे रूट पर चलने वाली बसों में छोटे रूट पर जाने वाले यात्रियों को नहीं बैठाया जा रहा था। इस कारण लोगों को मजबूरन निजी बस में सफर करना पड़ा। वहीं लोगों ने अटेली, रेवाड़ी, सिंघाना और चिड़ावा जाने के लिए राजस्थान रोडवेज की बसों का सहारा लिया।

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मेरा गांव नारनौल से करीब 15 किलोमीटर दूर है। विभिन्न कार्यों के लिए महीने में कई बार नारनौल आना होता है। गांव से नारनौल आने के लिए बस प्रमुख साधन है, लेकिन आज गांव के रूट पर बस नहीं थी। लंबा इंतजार करने के बाद राजस्थान रोडवेज से नारनौल आया।-मोहनलाल, गांव गोद



दिल्ली में कार्य करता हूं। महीने में दो से तीन बार गांव आता हूं। दिल्ली से नारनौल के लिए तो बस आसानी से मिल गई, लेकिन गांव जाने के लिए सुबह 11 बजे से 2 बजे तक करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। पहले गांव जाने के लिए हर एक घंटे में बस मिल जाती थी।-राजेंद्र, गांव किशनपुरा



वर्जन

छोटे रूट पर संचालित बसों की संख्या में कटौती की गई। वहीं संचालित बसों के फेरों की संख्या को बढ़ाया गया, ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। लंबे रूट पर बसों का संचालन नियमित रखा गया।-सतीश कुमार, सीआई, नारनौल डिपो।
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