नहरों पर बनाई गई पुलिया पर सुरक्षा दीवार नहीं होने की वजह से वे मौत को निमंत्रण दे रहे हैं। इन पुलियों पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं। दो दिन पहले ही महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी रोड पर झगड़ौली नहर का हादसा इसका ज्वलंत उदाहरण है। नहर में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। वहां पर भी एल टाइप सुरक्षा दीवार नहीं है। इससे पहले दौंगड़ा नहर, रेवाड़ी रोड पर गंदा नाला के पास भी कई हादसे हो चुके हैं। उसके बाद भी लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग नहीं जाग रहा। नारनौल से रेवाड़ी रोड पर छलक नाला, गंदा नाला एवं कृष्णावती नदी पर पुल बना हुआ है। उस स्थान पर भी एल टाइप सुरक्षा दीवार नहीं बनी हुई है।
पांच वर्ष पहले दौंगड़ा नहर पर हुआ था बड़ा हादसा
पांच वर्ष पहले दौंगड़ा नहर पर भी हादसा हुआ था। उस समय बोलेरो गाड़ी में छह लोग सवार होकर शादी में गए थे। रात को लौटते समय धुंध अधिक होने की वजह से गाड़ी नहर में गिर गई थी। इस हादसे में जुड़वा बच्चों की मौत हो गई थी। बाकी के लोगों को जैैसे-तैसे निकाल लिया गया था। यह रोड बहरोड को जोड़ने का सबसे छोटा रास्ता है। इस रोड से शहर के लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों का जड़ाव है। अभी तक वहां भी एल टाइप सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। पुलिया के दोनों ओर तीन छोटे-छोटे ब्रेक अवश्य बनाए गए है।
छलक नाले में गिरा था डीजल से भरा कैंटर
दो वर्ष पूर्व रेवाड़ी की ओर से आ रहा डीजल से भरा कैंटर छलक नाले में जा गिरा था। उस समय सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई थी। कैंटर नाले में गिरने से आग लग गई थी। लगभग दो दिन तक रेवाड़ी रोड बंद रहा था। इससे पूर्व एक पत्थर से भरा ट्रक भी पलट गया था। गनीमत रही कि इन हादसे में कोई हानि नहीं हुई थी। दौंगड़ा से नांगल सिरोही रोड पर नहर बनी पुलिया भी जर्जर हो चुकी है। इस पुलिया से भी दो-तीन बाइक सवार गिर चुके हैं।
जिले में हैं 600 से 700 पुलिया
जिले में लगभग 600 से 700 छोटे-बड़े पुल और पुलिया बनाए गए हैं। इनमें से कई जर्जर हालत में हैं। कई पुलियों पर एंगल टूटे हुए हैं। नहरों के अलावा भी कई सड़कों पर पुलिया बनी हुई हैं। रेवाड़ी रोड पर कृष्णावती नदी पर बना 20 मीटर लंबा पुल जर्जर हो चुका है। इसकी एक साइड बनी सुरक्षा दीवार भी टूट गई है। उस पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस रोड पर प्रतिदिन सात से आठ हजार वाहनों को आवागमन होता है। इस पर ही आरपीएस तथा यदुवंशी जैसे बड़े स्कूल भी हैं।
हमने सभी नहरों की पुलिया पर सुरक्षा दीवार बनाई हुई है। नारनौल ब्रांच पर बने लगभग 20 बड़े पुलों के लिए हमने प्रोजेक्ट बनाकर भेजा हुआ है। उनको आरसीसी का बनाया जाएगा। भविष्य में 90 डिग्री की बजाय 45 डिग्री पर सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। सभी पुल और पुलिया की सुरक्षा दीवार को ठीक करने के लिए सरकार पॉलिसी बनाए तो इनको ठीक किया जा सकता है। क्योंकि इतने पुल और पुलिया को ठीक करवाने के लिए हमारे पास बजट नहीं होता। जो खतरनाक पुल या पुलिया हैं वहां पर हम अपने लेवल पर ठीक करवाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। -सुरेश यादव, एसई, नहर विभाग।
रेवाड़ी रोड पर कृष्णावती नदी के पुल की मुझे स्टेटस नहीं पता है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत करें। अगर वो इसे टेकओवर करते हैं तो वो बनाएंगे। टेकओवर नहीं करते तो फिर हम इस पर कार्रवाई शुरू कर देंगे। -अश्वनी गहलावत,
रेवाड़ी रोड पर कृष्णावती नदी पर टूटी पुल की सेफ्टी दीवार। संवाद- फोटो : Narnol
रेवाड़ी रोड पर कृष्णावती नदी पर बने पुल की टूटी सुरक्षा दीवार। संवाद- फोटो : Narnol