भाजपा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही, इसलिए ईडी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आगे किया जा रहा है। यह बात रोहतक लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा मांगे हिसाब यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कही।
नांगल चौधरी क्षेत्र में अनाज मंडी से गुर्जर धर्मशाला तक यात्रा की शुरुआत की गई। इस पदयात्रा में सांसद का लोगों ने जगह-जगह फूल बरसाकर पदयात्रा का जोरदार स्वागत किया। अनाज मंडी में जनसभा के दौरान दीपेंद्र ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि पक्की नौकरी लगाना तो दूर, हरियाणा में भाजपा सरकार पक्की नौकरियों को कच्चे में बदल रही है। अग्निपथ योजना और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेएन) ने हरियाणा के हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। हमारे 15 सवालों ने बीजेपी सरकार की बोलती बंद कर दी है, क्योंकि उसके पास इन सवालों का जवाब नहीं है।
दीपेंद्र ने स्थानीय समस्या को उठाते हुए कहा कि नांगल चौधरी में पीने के पानी, नहरी पानी की समस्या है। पिछले 10 साल में शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई। हरियाणा ऐसा प्रदेश साबित बन गया, जहां 500 से ज्यादा स्कूलों के छोटे-छोटे बच्चों से लेकर खिलाड़ी बेटियों को न्याय के लिए दिल्ली तक धरना देना पड़ा। कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने यहीं महेंद्रगढ़ में कांग्रेस सरकार के समय बने केंद्रीय विश्वविद्यालय में आकर कहा कि वो हिसाब नहीं देंगे, बल्कि कांग्रेस से हिसाब लेंगे। दीपेंद्र ने दावा किया कि जैसे लोकसभा चुनाव में भाजपा को हाफ कर दिया वैसे ही विधानसभा चुनाव में साफ कर देंगे।
उन्होंने प्रदेश में रिकार्ड बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत सरकार ने देश की संसद में बताया है कि देश के 28 प्रदेशों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी हरियाणा में है। बीजेपी सरकार ने हरियाणा को कौशल निगम के जरिये बिना आरक्षण, बिना पेंशन, बिना मेरिट वाली कच्ची नौकरी की राजधानी बना दिया। सरपंचों, कर्मचारियों, अहीर रेजिमेंट की मांग करने वाले युवाओं को, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर पर लाठीचार्ज किया। देश के किसान के साथ अन्याय किया। किसान आंदोलन में 750 किसानों की जान चली गई, लेकिन सरकार ने सहानुभूति के दो शब्द भी नहीं कहे। इसके बाद सांसद ने वरिष्ठ पार्टी नेता, कार्यकर्ताओं व आमजन के साथ पूर्व विधायक चौधरी मूलाराम के फार्म हाउस पहुंचे और 27 वीं पुण्यतिथि पर पूर्व विधायक स्वर्गीय चौधरी फूसाराम को श्रद्धासुमन अर्पित किए।