फोटो 05 विभिन्न संगठनों द्वारा निकाली गई आक्रेश रैली। प्रवक्
नारनौल। षड्यंत्र के तहत आईपीएस वाई पूर्ण कुमार की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत, यूपी में हरिओम वाल्मीकि की भीड़ तंत्र द्वारा पीट-पीट कर हत्या और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हुए हमले जैसी संगीत घटनाओं के मामले में विभिन्न संगठनों ने विशाल आक्रोश रैली निकाली।
महर्षि वाल्मीकि सभा से उपायुक्त कार्यालय तक काले झंडों के साथ काली पट्टियां बांधकर व मोमबत्ती जलाकर पुलिस प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली।
प्रधान जोगेंद्र जैदिया ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि पूरे भारतवर्ष में इन घटनाओं पर लगातार रोष प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकार इस मामले में मूक दर्शक बनी हुई है। रैली कर सरकार को कड़ा संदेश दिया कि अब उपेक्षित समाज उन पर दिन प्रतिदिन हो रहे अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
इसी का नतीजा है कि आज सरकार उपेक्षित समाज पर प्रतिदिन हो रहे अत्याचार, शोषण और जातिगत भेदभाव की संगीन व दर्दनाक घटनाओं को रोकने में विफल हो रही है। विभिन्न संगठनों ने यह भी चेतावनी दी है कि सरकार यदि अब भी होश में नहीं आई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इसके साथ यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार द्वारा यदि दोषियों को यथाशीघ्र गिरफ्तार नहीं किया तो प्रदेश का उपेक्षित समाज एकजुट होकर विशाल आक्रोश रैलियां और धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।