नारनौल/मंडी अटेली/नांगल चौधरी। नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में वीरवार को एसडीएम ने सरसों खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण किया। एसडीएम ने किसानों से बातचीत कर खरीद के दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में पूछा। अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया सुचारू व सरल रखने के निर्देश दिए।
वहीं वीरवार को क्षेत्र में बादलवाही छाई रही। इस कारण सरसों बेचने के लिए मंडी आने वाले किसानों को बारिश से फसल खराब होने की चिंता सता रही है। वीरवार को अटेली मंडी में 4110, नारनौल मंडी में 2325 और नांगल चौधरी मंडी में 1820 क्विंटल सरसों की आवक हुई। वहीं अटेली मंडी में 3630, नारनौल मंडी में 2176.5 और नांगल चौधरी मंडी में 2120 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। साथ ही अटेली मंडी में 3300, नारनौल मंडी में 7500 और नांगल चौधरी मंडी में 1700 क्विंटल सरसों का उठाना किया गया।
बता दें कि गत कुछ दिनों से सरसों की आवक में तेजी देखने को मिल रही है। मंडी में बने टीन शेड में जगह कम होने के कारण कई किसानों ने खुले आसमान के नीचे सरसों की ढेरी लगाई हुई। यदि बारिश आती है तो फसल खराब होने की संभावना बनी हुई है। वहीं क्षेत्र में कई जगह सरसों और गेंहू की कटाई का कार्य किया जा रहा है। अगर बारिश होती है तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इंसेट
नमी की मात्रा अधिक होने से सरसों को सूखा रहे किसान
सरसों की खरीद के लिए नमी की मात्रा 8 प्रतिशत निर्धारित की गई है। 8 प्रतिशत से अधिक नमी रहने पर सरसों खरीदी नहीं जा रही। इस कारण किसानों को मंडी में सरसों में नमी की मात्रा कम होने का इंतजार करना पड़ रहा है। किसान धूप निकलने पर सरसों की फसल को फैलाकर सूखा रहें हैं।
वर्जन :
किसानों के लिए बिजली, पानी, शौचालय के साथ-साथ जलपान के लिए कैंटीन भी सुचारू रूप से चल रही है। बादलवाही और बारिश के मद्देनजर सरसों का उठान लगातार जारी है। फिर भी खुले आसमान में रखें कट्टों को ढकने के लिए तिरपाल उपलब्ध कराया गया है।-सुनीता फौगाट, सचिव, मार्केट कमेटी, मंडी अटेली।