कोरोना महामारी में भी आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है। इसके तहत करीब 1457 कोरोना संक्रमितों को लाभ मिल चुका है। वहीं जिले में करीब 100551 आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। महेंद्रगढ़ जिले में कुल 2,08,158 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएं जाने हैं।
बता दें कि 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ हुआ था। इस योजना में साल 2011 में हुए सामाजिक आर्थिक आंकड़े को आधार मानकर लाभार्थियों की सूची बनाई गई थी। जिले में 45800 परिवार योजना के लाभार्थी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने योजना में शामिल लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण दोबारा से कार्ड बनाने का काम प्रभावित हुआ है। पिछले साल भी कोरोना महामारी के कारण कार्ड बनाने का काम प्रभावित हुआ था। विभाग की योजना हैं कि हर गांव में लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाए। इसके लिए गांव स्तर पर भी कैंप का आयोजन हुआ था।
जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने बताया कि जिले में एक लाख से उपर आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस साल दोबारा से कार्ड बनाने का अभियान चलाया गया था। गांव वाइज डाटा तैयार कर लाभार्थियों के कार्ड बनाने का प्रयास चल रहा है। योजना के अनुसार जिले में कुल 2,08,158 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएं जाने हैं।
- कोरोना के मरीजों को मिलता है लाभ
कोरोना से संक्रमित व्यक्ति का उपचार आयुष्मान योजना के तहत होता है। इस योजना के तहत अभी तक 1457 लोगों को लाभ मिला है। इसमें 1074 का कोरोना टेस्ट हुआ। इसमें 328 कोरोना संक्रमित मिले थे। कोरोना मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आयुष्मान मित्रों को ट्रेनिंग दी गई है।
नौ सरकारी और 12 निजी अस्पताल पैनल में शामिल
जिले में दो सरकारी नागरिक अस्पताल और 12 निजी अस्पताल पैनल पर हैं। इसमें सरकारी जिला अस्पताल नारनौल,उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ व सीएचसी सेंटर शामिल है। निजी अस्पतालों में विजय अस्पताल, संवेदना अस्पताल, कृष्णा आई अस्पताल, कृष्णा आई अस्पताल महेंद्रगढ़, गंगा देवी पांडे अस्पताल महेंद्रगढ़, इमरान ईएंडटी अस्पताल नारनौल, शांति अस्पताल, सिंघल अस्पताल, हेमंत अस्पताल, बंसल आई केयर महेंद्रगढ़ व गोयल आई सेंटर के अलावा एक अन्य अस्पताल पैनल में शामिल है।
आयुष्मान भारत योजना में शामिल लोगों के कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया गया था। योजना में शामिल 4814 लोग सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार करा चुके हैं। योजना को लागू कराने के कई कदम उठाए गए हैं।
डॉ. डीके सैनी, डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत