कनीना। एक अक्तूबर से बाजरा की सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा हुई थी लेकिन मंडियों में अब तक खरीद शुरू नहीं हुई। इससे किसानों में नाराजगी है। इसी को लेकर कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा में किसानों ने प्रदर्शन किया और रोषमार्च निकाला।
बसपा नेता अतरलाल के नेतृत्व में किसान हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे। उन्होंने मांग की कि बाजरा की सरकारी खरीद जल्द शुरू हो खरीद एजेंसी की व्यवस्था सुधारी जाए और फसल पंजीकरण पोर्टल दोबारा खोला जाए। प्रदर्शन के बाद किसान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अतरलाल को सौंपा।
अतरलाल ने किसानों की मांगों को उचित बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसान राज्य और राष्ट्रीय मार्गों पर धरना देंगे। रास्ता बंद होने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने हैफेड की व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही की जांच और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
भावांतर योजना से कई किसान वंचित
हरियाणा सरकार ने बाजरा के लिए भावांतर भरपाई योजना में 2,900 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की व्यवस्था की है। खरीद और भुगतान मेरी फसल-मेरा ब्योरा रिकॉर्ड और जे-फॉर्म के आधार पर होता है जबकि हैफेड न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करता है।
किसान कार्यकर्ता कमल सिंह ने कहा कि दिशा-निर्देशों की वजह से कई किसान लाभ से वंचित रह रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है और बाजरा निजी व्यापारियों को बेचा है, उन्हें भी नियमानुसार भावांतर राशि दी जाए।
पोर्टल दोबारा खोलने की मांग
किसानों का कहना है कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल दोबारा खुलने से पात्र किसान अपनी फसल का पंजीकरण करा पाएंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। इस मौके पर राजेंद्र सिंह नंबरदार, कप्तान ओमपाल सिंह, मीर सिंह वैद्य, पितांबर प्रधान, पवन प्रधान, कमल, सुरेश, राकेश, किशनपाल, भूपेंद्र, चिमन, हरीश जैमल, पवन कुमार, मुकेश और संदीप सहित कई किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।