नारनौल। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाले कर्मचारी मांगों को लेकर शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। शहर में प्रतिदिन करीब 50 कूड़ा निकलता है।
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कूड़ा उठान भी नहीं हुआ। कर्मचारियों ने हड़ताल कर टेंपो भी नगर परिषद में खड़े कर दिए। मांग को लेकर उन्होंने ज्ञापन एक्सईएन मोनिका शर्मा को भी सौंपा। डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने वाले कर्मचारियों के हड़ताल पर चले के कारण अब शनिवार और रविवार दो दिन अवकाश हो जाने के कारण शहर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
नगर परिषद ने शहर में हर घर और दुकानों से कूड़ा उठाने के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है। शहर में करीब 50 टेंपो और ट्रैक्टरों से शहर में कूड़ा उठाया जाता है। इस बारे में नगर परिषद में ठेके पर लगे कर्मचारियों का कहना है कि नगर परिषद ने सोना इंटरप्राइजेज को शहर में कूड़े उठाने का ठेका दिया है।
कहा कि इस एजेंसी में 50 वाहन चालक सहित अन्य कर्मचारी भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी उनका शोषण कर रही है। कर्मचारियों ने बताया कि वाहन चालक को को 12 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। इसमें से करीब 1000 रुपये ईपीएफ के कंपनी काट लेती है। इसकी कर्मचारियों को कोई जानकारी नहीं है कि कंपनी ईपीएफ जमा करवाती है या नहीं।
इसलिए उनकी मांग है कि सभी कर्मचारियों को कम से कम डीसी रेट का वेतन दिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी द्वारा अब उन्हें नाजायज परेशान करने के लिए टेंपो खराब होने पर ठीक करवाने लिए वेतन से कटौती कर रही है। कर्मचारियों ने कहा कि गाड़ी चलेगी तो खराबी भी आएगी, लेकिन इसका भुगतान कर्मचारियों पर डालना गलत है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन में दो से तीन हजार सब कर्मचारियों के व कई कर्मचारियों के पांच से सात हजार रुपये वेतन में से काट लिए गए। इसके अलावा वेतन भी समय पर नहीं दिया जाता है। इसके कारण कर्मचारियों को घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
वर्जन-
नगर परिषद से पेमेंट नहीं मिलने के कारण कुछ कर्मचारियों के वेतन में दिक्कत आ गई थी। कर्मचारियों से बातचीत हो गई समाधान कर दिया जाएगा।-कर्मबीर सिंह, कंपनी ठेकेदार
वर्जन-
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया है। उनकी समस्या का समाधान जल्द करवाया जाएगा।-मोनिका शर्मा, एक्सईएन नगर परिषद