नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 12वीं कक्षा तक स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इसको लेकर उपायुक्त ने भी मंगलवार को अधिकारियों की बैठक ली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण (ग्रैप-4) को लागू कर दिया है।
डीसी ने कहा कि जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है। ऐसे में गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से जारी सभी प्रतिबंधों को लागू किया जाए। इस संबंध में जिले में कंट्रोल रूम का नंबर 01282-299004 जारी किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि सब डिवीजन लेवल तक संबंधित एसडीएम अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारी होंगे तथा संयुक्त टीम लगातार फील्ड में रहेगी।
इस बैठक में एडीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा, एसडीएम नारनौल डॉ जितेंद्र सिंह, एसडीएम कनीना अमित कुमार, एसडीएम नांगल चौधरी रमित यादव, नगराधीश मंजीत सिंह व पॉल्यूशन बोर्ड से अनुज शर्मा के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
वहीं वायु प्रदूषण को देखते हुए जिले में 12वीं तक के सभी स्कूलों में आगामी आदेश तक छुट्टी करने के आदेश दिए गए हैं। अध्यापक स्कूलों में मौजूद रहेंगे तथा ऑनलाइन मोड पर क्लास लेंगे। डीसी ने कहा कि बिजली अधिकारी क्रशर जोन में बिजली सप्लाई बंद रखे। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे कूड़े पर आग ना लगाएं। ऐसा करने पर जिला प्रशासन जुर्माना लगाएगा। इस समय जिला में एकयूआई 270 के आसपास है। ऐसे में सभी हिदायतें कड़ाई से लागू करवाएं।
इंसेट
401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है एक्यूआई
जब प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और औसत एक्यूआई 450 को पार कर जाता है तो ग्रैप का चौथा चरण लागू किया जाता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।