नारनौल। क्षेत्र में शनिवार देर रात बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से कनीना व महेंद्रगढ़ के कुछ गांवों में नुकसान हुआ था। नुकसान होने पर कृषि विभाग की तरफ से सर्वे भी किया गया है। जिसमें ओलावृष्टि से गांव स्याणा व पोता में 50 से 75 प्रतिशत तक फसलों में नुकसान हुआ है। इसके अलावा गांव सेहलंग, झूक, बाघोत, तलवाना, अगिहार में 25 प्रतिशत तक फसलों में नुकसान कृषि विभाग ने माना है। विभाग की तरफ से यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। किसानों का कहना कि अगेती सरसों फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है, उसकी टहनी टूट कर गिर गई। किसानों की मांग ही स्पेशल गिरदावरी करवानी चाहिए ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि ओलावृष्टि से गांव स्याणा व पोता में 50 से 75 प्रतिशत और सेहलंग, झूक, बाघोत, तलवाना, अगिहार में 25 प्रतिशत तक फसलों में नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि 72 घंटे तक किसानों को ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों की जानकारी देनी होती है।
बता दें कि जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया था, उनके लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब फसल का ब्योरा दे सकता है। वहीं जिन किसानों ने फसल बीमा करवाया है, उनको प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर खराब फसल के लिए आवेदन करना होता है।