नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारनौल में शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने कानूनी साक्षरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क़ानूनी साक्षरता के विभिन्न पहलुओं, शिक्षा अधिकार अधिनियम, घरेलू हिंसा, विभिन्न सामाजिक बुराइयों जैसे भ्रूणहत्या, नशा, यौन उत्पीड़न के खिलाफ कार्य करना चाहिए। विद्यालयों में बेटियों की सुरक्षा विशेष रूप सुनिश्चित की जानी चाहिए।
एडवोकेट विजय ने क़ानूनी साक्षरता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार प्रकट किए। उन्होंने बताया कि जिला विधिक विधिक सेवा प्राधिकरण का नंबर 01282-250322 है । इस हेल्प लाइन नंबर पर एडवोकेट 9 से 5 बजे तक प्रत्येक कार्य दिवस को उपलब्ध रहते हैं। एडवोकेट विकास चौहान ने बताया कि क़ानूनी जानकारियों के लिए 15100 टोल फ़्री नंबर भी उपलब्ध है।
इसके माध्यम से ही आप क़ानूनी साक्षरता से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने लोक अदालतों की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को लोक अदालत प्रस्तावित है। जिसके माध्यम से अपने विवादों के समाधान करवाए जा सकते हैं।
प्राचार्य डॉ. दीपेंद्र चौहान ने कहा कि जानकारी ही बचाव है। क़ानूनी साक्षरता क्लबों के माध्यम से ही अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक बने। इस अवसर डीओसी रमेश सोनी, जिला समन्वयक एफ़एलएन डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. पंकज गौड़ व जिला उल्लास प्रभारी करण सिंह यादव मौजूद रहे।