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मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

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गिरफ्तारी देने पहुंचे कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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गिरफ्तारी न होने पर की नारेबाजी, तीन घंटे बाद वापस लौटे कर्मचारी
फोटो नंबर 26 से 30
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
कर्मचारियों की मांगों को लागू करवाने के लिए हरियाणा कर्मचारी महासंघ की ओर से जेल भरो कार्यक्रम के तहत मंगलवार को महासंघ की जिला इकाई के सभी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी नारनौल लघु सचिवालय में गिरफ्तारी देने पहुंचे। वहां उन्होंने एसडीएम और डीसी से मुलाकात कर गिरफ्तारी की मांग की। वहीं गिरफ्तारी होने तक कर्मचारियों ने वहीं पड़ाव डाले रखा। परंतु तीन घंटे के लंबे इंतजार के बाद भी कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। इससे आक्रोशित कर्मचारी व सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने कार्यालय लौट गए। इससे पूर्व सभी विभागों के कर्मचारी सिंघाना रोड स्थित बिजली निगम के सर्कल कार्यालय में एकत्रित हुए।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर एचएसईबी वर्कर्स यूनियन पिछले तीन-चार दिन से सिंघाणा रोड स्थित बिजली निगम के सर्कल कार्यालय में मीटिंग कर मुख्यमंत्री के साथ वार्तालाप में कर्मचारियों की मानी गई मांगों को लागू नहीं के विरोध में संघर्षरत हैं। वहीं मांगों को लागू नहीं करने की स्थिति में कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदेश भर में प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन के तहत जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया गया। इसी निर्णय के तहत मंगलवार को हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी सबसे पूर्व सिंघाणा रोड स्थित बिजली निगम के सर्कल कार्यालय में एकत्रित होकर गिरफ्तारी देने संबंधी रणनीति तैयार की। इसके बाद सैकड़ों कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां उन्होंने एसडीएम और उपायुक्त से गिरफ्तार करने की मांग भी की, लेकिन तीन घंटे के लंबे इंतजार के बावजूद भी कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। इससे हताश कर्मचारी सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वापस अपने कार्यालय लौट गए।
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कर्मचारी नेता बाबूलाल यादव ने कहा कि 18 सितंबर को सीएम निवास पर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों के साथ हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों की लगभग सभी मांगों पर सहमति बनी थी। वहीं सरकारी प्रवक्ता ने कर्मचारियों की मांगें माने जाने पर मीडिया में आकर बयान भी दिए थे। इस बयान के अनुसार कर्मचारियों की इन मांगों को एक नवंबर हरियाणा दिवस के दिन लागू करना था, लेकिन बड़े दुख की बात है कि सरकार अपने फैसले से पीछे हट गई है और उनकी मांगों को लागू नहीं कर रही है।

पिछले गेट से निकले सभी अधिकारी
प्रशासन से बार-बार गिरफ्तारी की मांग किए जाने के बावजूद गिरफ्तारी न होने के चलते कर्मचारी लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर ही धरना देकर बैठ गए। इसके बाद एसडीएम जगदीश शर्मा कर्मचारियों के बीच पहुंचे और 10 मिनट के अंदर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। करीब 1 घंटा बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होता देख कर्मचारी महासंघ का प्रतिनिधिमंडल डीसी गरिमा मित्तल से मिला। वहां एसडीएम को भी बुलाया गया। इस दौरान डीसी ने कर्मचारियों को तुरंत कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों उच्चाधिकारी कार्रवाई करने की बजाय अपना कार्यालय छोड़कर पिछले दरवाजे से चले गए।
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घटनाक्रम से कर्मचारी नेताओं को करवाया अवगत
महासंघ के मुख्य प्रवक्ता महाबीर पहलवान व प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, प्रदेश संयुक्त प्रेस सचिव सुभाष चंद रोहिल्ला ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से प्रदेश के शीर्ष नेताओं को अवगत करवाया। शाम 4 बजे तक अधिकारियों के आने व गिरफ्तारी होने का इंतजार किया गया। इसके बाद कर्मचारी अपने-अपने कार्यालय चले गए। इस मौके पर पूर्व उपाध्यक्ष बाबूलाल यादव, जिला महासचिव शिवकुमार यादव, राजेन्द्र नौताना, सर्कल सचिव सत्यबीर यादव, नारनौल यूनिट प्रधान अशोक यादव, महेंद्रगढ़ प्रधान सत्यवान यादव, रोडवेज प्रधान राजेश डागी, पब्लिक हेल्थ प्रधान दीपक सान्डल्य, प्रधान महेंद्रसिंह कौशिक, बुधराम तंवर, अमीलाल, आबकारी विभाग से कंवरसिंह यादव, कन्हैया लाल आईबी, सुरेन्द्र जोशी, भूपेन्द्र सिंह शेरावत, राजपाल बीएंडआर आदि रहे।
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