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महेंद्रगढ़ मांगे मेडिकल कॉलेज

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महेंद्रगढ़ खंड के लगभग 62 गांवों के सरपंच सीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
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फोटो संख्या:38 से 45
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बाहर खोले जाने के विरोध में शॉपिंग कॉम्पलेक्स के व्यापारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया और मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार रमेश चंद को ज्ञापन सौंपा। अभियान के दौरान लगभग 300 व्यापारियों ने हस्ताक्षर कर प्रदेश सरकार से मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ स्थापित करवाने की मांग की।
इस मौके पर व्यापारी महेश सैनी, बबलु आदि ने बताया कि देश की आजादी से लेकर अब तक महेंद्रगढ़ का इलाका पिछड़ेपन का शिकार है। स्वास्थ्य सेवाओं को तो क्षेत्र में बुरा हाल है। मेडिकल की सबसे ज्यादा जरूरत महेंद्रगढ़ को है। यहां के उपनागरिक अस्पताल हैं जिनमें स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं का अभाव हैं। छोटी मोटी बीमारी के जो लोग यहां चेक करवाने आते हैं। उन्हें भी यहां से रोहतक, जयपुर, गुरुग्राम और दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता है। ये सभी शहर महेंद्रगढ़ से 100 से 150 किलोमीटर की दूरी पर पड़ते हैं। जब सड़क हादसे में घायलों को रोहतक या गुरुग्राम ले जाया जाता है तो कई घायल रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। वैसे भी महेंद्रगढ़ जिले का बीच का स्थान है। जबकि कोरियावास जिले एक तरफ पड़ता है, अगर सरकार वहां मेडिकल कॉलेज स्थापित करती है तो वहां जिले के लोगों को कम जबकि राजस्थान के लोगों को अधिक फायदा होगा। सतनाली और कनीना खंड गांव से कोरियावास की दूरी लगभग 60 से 70 किलोमीटर दूरी पड़ती है। जबकि उस क्षेत्र में पानी का भी अभाव है। अगर मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ का नहीं मिला तो यह क्षेत्र के साथ अन्याय होगा जिसको वो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर महेश सैनी, अशोक सिंघला, रामौतार यादव, कमल तिवाड़ी, राजेश शर्मा, हरिओम यादव, रोहताश यादव, सतीश यादव आदि उपस्थित थे।
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सीएम को सौपेंगे 62 गांवों के सरपंच ज्ञापन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का महेंद्रगढ़ में दो दिवसीय प्रवासी दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान क्षेत्र की सरपंच एसोसिएशन सीएम को मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ स्थापित करवाने का ज्ञापन सौंपेंगे। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान विष्णु डाबड़ और गांव पाली के सरपंच ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का महेंद्रगढ़ का दौरा प्रस्तावित है। इस मौके पर विभिन्न गावों के लगभग 50 गावों के सरपंच सीएम को मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ स्थापित करवाने के लिए ज्ञापन सौपेंगे। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले का केंद्र हैं और यहां सभी सुविधाएं हैं। इसलिए मेडिकल कॉलेज यहां सबसे उपयुक्त रहेगा।
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अभी तक प्रदेश में जितनी भी सरकारें आई हैं, उनमें सभी ने महेंद्रगढ़ के साथ भेदभाव किया है। किंतु अब यह भेदभाव नहीं होने देंगे। सरकार ने नांगल चौधरी को लाजस्टिक हब दे दिया है और नारनौल में पहले से ही आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज है। अब मेडिकल कॉलेज पर महेंद्रगढ़ का हक है और यह हक हम लेकर रहेंगे।
- महेश सैनी
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महेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। यहां के उप नागरिक अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है जिससे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानी होती है। मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ ही बनना चाहिए। अगर सरकार इसमें कोई कोताही बरती तो वो संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
-कमल तिवाड़ी
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आखिर महेंद्रगढ़ के साथ कब तक सौतेला व्यवहार होता रहेगा। जिला होने के बाद भी इसका हेड क्वार्टर नारनौल बना दिया गया। लॉजस्टिक हब नांगल चौधरी क्षेत्र में दे दिया। नारनौल में पहले से ही आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल है। भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा। मेडिकल कॉलेज पर महेंद्रगढ़ का हक है।
- गजानंद शर्मा
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गांव पाली मेडिकल कॉलेज के सभी मापदंड पूरे कर रहा है। नहरी पानी, बिजली और ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं हैं। सरकार अन्य स्थानों पर जहां मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन तलाश रही हैं वो सुविधाएं वहां नहीं हैं। वैसे भी मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ की जरूरत है। सरकार को महेंद्रगढ़ में कॉलेज महेंद्रगढ़ में स्थापित करना चाहिए।
-रोहताश यादव
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महेंद्रगढ़ में एक उपनागरिक अस्पताल हैं जिससे कनीना, सतनाली, महेंद्रगढ़ एवं अटेली के कई गांव जुड़े हुए हैं। किंतु यहां की स्वास्थ्य सुविधा सही नहीं रहने के कारण मरीजों को 150 किलोमीटर दूर गुरुगाम और दिल्ली जाना पड़ता है। प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही हैं वो महेंद्रगढ़ में खुलना चाहिए।
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- अशोक सेठ।
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हरियाणा से अलग होने के बाद क्षेत्र हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया। सभी सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ अनदेखी की है। इसी कारण यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है और अगर मेडिकल कॉलेज भी हाथ से निकल गया तो क्षेत्र और अभी अधिक पिछड़ जाएगा। ऐसे अब नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए संघर्ष करेंगे।
-हरिओम।
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