गूगल हर्बल वाटिका पार्क में पानी के अभाव में सूखे पौधे। संवाद
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वन विभाग द्वारा गांव माजरा के सलीमाबाद में 16 वर्ष पहले गूगल हर्बल वाटिका पार्क का बनाया गया था, जिसका बिजली बिल नहीं भरने पर विभाग ने कनेक्शन काट दिया है। एक माह बाद भी जिम्मेदार कनेक्शन बहाल नहीं करा पाए हैं। जिससे पेड़-पौधे पानी नहीं मिलने से सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। वर्ष 2006 में तत्कालीन वन एवं पर्यटनमंत्री किरण चौधरी ने तत्कालीन विधायक राव दान सिंह के प्रयासों से गांव माजरा खुर्द के सलीमाबाद में 35 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किया गया था। गूगल हर्बल वाटिका पार्क में साल दर साल लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी थी। लेकिन वन विभाग द्वारा देखरेख के अभाव में अब यह पार्क धीरे-धीरे बदहाल हो रहा है।
स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए था आकर्षण का केंद्र
35 एकड़ में 16 वर्ष पूर्व बने गूगल वाटिका हर्बल पार्क में औषधीय पौधों से लेकर फूलदार एवं अन्य प्रकार के पौधे लगाए गए थे। पार्क में की गई व्यवस्थाओं के चलते एक वर्ष पूर्व प्रतिदिन 200 से 300 लोगों के साथ-साथ विद्यार्थियों को भ्रमण पर लाकर विभिन्न प्रकार के पौधों के बारे में जानकारी दी जाती थी। अब भ्रमण पर आने वालों की संख्या भी महज 50 तक सिमटकर रह गई है। यह पार्क विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र था।
मुख्य गेट पर लगा है ताला
हर्बल वाटिका के मुख्य द्वार पर ताला लगा होने के कारण आने वाले लोग भी निराश होकर वापस जा रहे हैं। वहीं पानी के अभाव में पेड़-पौधे भी सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं। पार्क का मुख्य द्वार महेंद्रगढ़-कनीना मुख्य सड़क पर है। देखरेख के अभाव में पार्क की सुविधाएं भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं।
8.50 लाख रुपये था बिजली बिल
पहले भी दो-तीन बार बिजली का बिल नहीं भरने पर कनेक्शन काटा जा चुका है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी जैसे-तैसे करके कनेक्शन को जुड़वा देते हैं। लेकिन विभाग द्वारा एक माह पूर्व करीब 8.50 लाख रुपये का बिल नहीं भरने के कारण कनेक्शन काट दिया गया है। वहीं विभाग के जिम्मेदार एक माह में भी कनेक्शन को बहाल नहीं करा पाए हैं।
बिजली कनेक्शन जुड़वाने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। मीटर कुछ समय के लिए खराब हो गया था। बिजली विभाग द्वारा सही बिल नहीं देने के कारण वन विभाग द्वारा इसका दोबारा ऑडिट कराया जाएगा। वहीं शीघ्र ही बिजली कनेक्शन बहाल कराया जाएगा। पार्क में सिंचाई के लिए वैकल्किप व्यवस्था की गई है। बिजली बिल भरने की प्रक्रिया चल रही है तथा शीघ्र ही इसका भुगतान किया जाएगा। नरेंद्र कुमार, रेंज अधिकारी, वन विभाग।