नारनौल। सरकार द्वारा मांगे नहीं मानने पर सांझा मोर्चा के आह्वान पर नारनौल डिपो के चालक व परिचालकों ने सुबह से हड़ताल शुरू कर दी थी। जिसका असर भी देखने को मिला।
नारनौल डिपो से 141 रोडवेज बसों का प्रतिदिन संचालन होता है। इसमें से बुधवार को 47 रोडवेज बसे ही नारनौल डिपो से रवाना हो सकी। वहीं 61 ऐसी रोडवेज बस थी, जो रात्रि में अन्य डिपो पर ठहराव पर थी। वह बुधवार को नारनौल डिपो में पहुंची। ऐसे में ज्यादातर बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन निजी बसों के संचालन से यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर मिली। बता दे कि बुधवार सुबह से यूनियन के पदाधिकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त करने लग गए थे। नारनौल डिपो प्रधान अनिल भीलवाड़ा ने बताया कि सरकार द्वारा सांझे मोर्चे को 11जनवरी, 10 मार्च, 23 जून, 13 दिसंबर को कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए बैठकों के लिए आमंत्रित किया गया था। सांझा मोर्चे ने कर्मचारियों की मांगों के समाधान के बारे में तर्क व प्रमाण दिए थे, लेकिन इसके बाद भी सरकार की तरफ से मांगों को लागू नहीं किया गया। इसकी वजह से हड़ताल की गई है।
लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्री हुए परेशान
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़, झुंझुनू सहित अनेक रूट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डिपो के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी
नारनौल डिपो के बाहर सुबह से चालक परिचालक ने धरना शुरू कर दिया। वहीं अपनी मांगें पूरी नहीं होने की वजह से रोष व्यक्त कर रहे थे। हड़ताल का समर्थन करने सेवानिवृति कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल यादव, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल कुमार, राज्य सचिव महेंद्र बोयत, केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह व जिला सचिव छाजूराम रावत और हरियाणा नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान सरजीत नंबरदार ने धरना स्थल पर पहुंचे।
नारनौल डिपो से 141 बसों में से 47 बसों का संचालन किया गया। वहीं 61 ऐसी रोडवेज बस थी, जो रात्रि में अन्य डिपो पर ठहराव पर थी। वह बुधवार को नारनौल डिपो में पहुंची है।
-ब्रह्म प्रकाश, सीआई नारनौल डिपो।