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जिले में स्वाइन फ्लू के दो मरीज और आए सामने,संख्या हुई तीन

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या अब एक से बढ़कर तीन हो गई हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है। विभाग ने एएनएम, आशा वर्कर्स समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को गांवों में मरीजों पर ध्यान रखने के लिए कहा गया है। तीनों स्वाइन फ्लू के मरीजों में एक स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी भी शामिल है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सैनी ने बताया कि बुधवार को स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए हैं। पहला मामला सेहलंग (कनीना) की एलएचपी में स्वाइन फ्लू पाया गया है। उन्होंने बताया कि महिला कर्मचारी भिवानी जिले की रहने वाली है और महिला सेहलंग में एलएचपी (लेडी हेल्थ विजिटर) है। दूसरा मामले में सतनाली वासी एक युवक इससे पीड़ित मिला। जोकि हिसार के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि दोनों मरीजों के बारे जानकारी ली गई है। साथ ही इन एरिया में विशेष नजर रखी जा रही है। डॉ. सैनी ने बताया कि तीनों में एच1एन1 के लक्षण पाए गए हैं। जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू के तीन पॉजिटिव केस सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर दवाइयां समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं।
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डोर-टू-डोर अभियान किया शुरू
बढ़ते हुए स्वाइन फ्लू के रोगियों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग नारनौल की टीम ने उप सिविल सर्जन डॉ. धर्मेश सैनी के निर्देश अनुसार ऐतिहात के तौर पर नारनौल के मोहल्ला सलामपुरा व पीरआगा में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों को स्वाइन फ्लू के कारण, लक्षण व बचाव के विषय में विस्तार से बताया तथा पंपलेट बांटकर जागरूक किया। मोहल्ला सलामपुरा के आंगनबाड़ी केंद्र में एक जागरूकता सभा का आयोजन भी किया गया। इस टीम में ईश्वर सिंह, मुकेश शर्मा एलटी, गुलाब सिंह, मुख्तार सिंह, महेश कुमार, मुकेश यादव, मनोज कुमार, विकास, सतीश कुमार, अनीता देवी आंगनबाड़ी वर्कर आदि शामिल रहे।

स्वाइन फ्लू (एच-1एन-1) वायरस का संक्रमण रोग
डॉ. धर्मेश सैनी ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक (एच-1एन-1) वायरस संक्रमण रोग है। बुखार के साथ नाक बहना, खांसी और गले में खरास, सांस लेने में कठिनाई, जोड़ो व सिर में दर्द, थूक के साथ खून आना, थकावट व सर्दी लगना इसके मुख्य लक्षण हैं। सैनी ने बताया है कि बीमारी ज्यादातर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को होती है। बचाव के लिए बताया कि किसी से भी हाथ न मिलाएं, गले न मिलें, डाक्टर की सलाह के बिना कोई दवाई अपनी मर्जी से न लें, खुले में न थूकें।
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नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू का वार्ड
नागरिक अस्पताल नारनौल में स्वाइन फ्लू की जांच व इलाज की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। साथ ही इस बीमारी के रोगियों के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। इसके लिए दवाइयां समेत अन्य संसाधन उपलब्ध है। आईसीयू के लिए निजी अस्पतालों से संपर्क किया गया है।
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