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गुढा केमला रेलवे क्रासिंग फाटक पर प्रस्तावित अंडर पास का ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध

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अमर उजाला ब्यूरो
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कनीना। रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन पर गांव गुढ़ा के पास स्थित रेलवे क्रासिंग फाटक संख्या 90-सी पर रेलवे द्वारा प्रस्तावित अंडरपास का ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके चलते मौके पर पहुंचे ठेकेदार ने कार्य शुरू नहीं किया।
जानकारी के अनुसार मूला कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू करना था। जिसकी जानकारी शुक्रवार को ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर ठेकेदार को कार्य करने से मना किया। इस पर ठेकेदार ने कहा कि उनके पास वर्क ऑर्डर हैं, जिसके चलते रसूलपुर, गुढा, केमला के ग्रामीण एकत्रित होकर आए और उन्होंने अंडरपास निर्माण पर कड़ा एतराज जताया।
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गुढ़ा के सरपंच धर्मपाल सिंह, रसुलपुर के सरपंच उमेद सिंह, केमला के सरपंच दलीप सिंह सहित तीनों गांवों के ग्रामीणों ने ठेकेदार को कार्य शुरू न करने को कहा। जिस पर ठेकेदार रमेश कुमार ने कार्य शुरू नहीं किया। इस बारे में ग्रामीण श्रीभगवान, अर्जुनलाल शर्मा, जसवंत सिंह, धर्मपाल दीक्षित, सुमेर सिंह यादव, मामन सिंह प्रजापत, जय सिंह नंबरदार, प्रदीप कुमार पंच, बलबीर पंच, रमेश कुमार, राजकुमार, विनोद कुमार, सुरेश कुमार, रतन सिंह, अजय कुमार ने बताया कि रेलवे क्रासिंग फाटक संख्या 90-सी पर पहले ही फाटक है। यह कई गांवों का रास्ता है। यहां पर अंडरपास बनने से बरसात के समय पानी भरने से ग्रामीणों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों का रेलवे पर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि गुढ़ा केमला स्टेशन के दूसरी ओर 2013 में अंडरपास बनाया गया था, जिसके बनने के बाद उसमें बरसाती पानी जमा रहता है। जहां से पद यात्री तो क्या वाहन भी नहीं गुजर सकते। उन्होंने कहा कि रेलवे अंडरपास की बजाय ओवरब्रिज बनाया जाएगा तो ग्रामीण भी विभाग की मदद करेंगे। इस बारे में गुढा गांव के सरंपच धर्मपाल ने कहा कि यहां पर किसी भी सूरत में अंडरपास का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इसके बारे में क्षेत्र के विधायक, सांसद जिला उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों से मिला जाएगा।
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वर्जन
रेलवे के अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि हम जनता की सुविधा के लिए कार्य करवा रहे हैं। लोग जो शिकायत लिखित में देंगे, उस पर उच्चाधिकारी कार्रवाई करेंगे।
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