अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर के बीच से गुजरने वाले छलक नाले की दुर्गंध से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर परिषद करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से पांच किलोमीटर तक नाले का सौंदर्यीकरण कराने जा रहा है। योजना के अनुसार नाले का कंकरीट के बनाने के साथ ऊपर से भी कवर किया जाएगा। साथ ही पौधे और वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि नाले के निर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल मिल गई है। जिसके बाद तकनीकी प्रक्रिया को पूरा किया रहा है। उन्होंने बताया कि परिषद का प्रयास है कि नाले का बेहतर तरीके से सौंदर्यीकरण किया जाए। जिससे आम लोगों को नाले के दुर्गंध से राहत मिले। दूसरा जगह की उपलब्धता के आधार पर लोगों के ट्रैक, बच्चों के लिए झूले और पौधे भी लगाए जाएंगे। शहर के बीच होने के कारण लाइट, बेंच के अलावा अन्य इंतजाम करने की योजना है। जरूरी हुआ तो जगह के अनुसार बदलाव भी किया जा सकता है। जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। परिषद के अनुसार कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक नाले के सौंदर्यीकरण करने की योजना है।
नदी जो अब बन गई है नाला
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती है। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई काफी अधिक थी लेकिन बरसात कम होने से के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में यह अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। नगर परिषद की अनदेखी के कारण सफाई का भारी अभाव है। यह बरसाती पानी खासकर बाढ़ के पानी की निकासी में नाला मुख्य भूमिका निभाता है। कुलतारपुर रोड से पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाती है। यह कहीं 140 फुट चौड़ा है तो कहीं 90 फुट या फिर 20 फुट ही रह गई है। दूसरी ओर नाले के ऊपर कुछ लोगों अतिक्रमण करके मकान भी बना लिए हैं।