तीन किलोमीटर छलक नाले पर 19 जगहों पर पुलिया का निर्माण होगा। इससे शहर के लोगों को आवागमन में परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही नाले के दोनों को ग्रिल लगाई जाएगी। अभी करीब बीस फीसदी कार्य हुआ है। दूसरी ओर कार्य की गुणवत्ता के लिए कंकरीट समेत अन्य सामानों का सैंपल लिया गया है। छलक नाले का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा हो जाएगा। साथ ही नाले के दोनों तरफ सड़क का प्रावधान किया गया है। छलक नाले के दोनों के दोनों तरफ सुरक्षा के दृष्टि से ग्रिल लगाए जाएगी। इसे बनाने पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बता दें कि छलक नाले के कायाकल्प करने की घोषणा सीएम ने साल 2015 में की थी। जिस पर नप ने नाले की डिजाइन और लागत बनाकर सरकार को भेजा था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर पिछले साल दिसंबर में सीएम ने छलक नाले के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। जून में जयपुर की एक एजेंसी को कार्य सौंपा गया था। नप के कार्यकारी अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि नाले के कायाकल्प होने से आम लोगों को दुर्गंध से राहत मिलेगी। कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक नाले का सुंदरीकरण शुरू हो गया है। एनजीटी के निर्देशों के तहत छलक नाले को पूरी तरह से कंकरीट से कवर नहीं किया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहीं नाला कवर होगा। करीब तीन किलोमीटर लंबे नाले पर 465 फीट नाला कवर होगा। इस दौरान करीब 19 जगहों पर पुलिया बनाई जाएगी। पुलिया अभी काफी संकरी है। लेकिन इसके निर्माण के दौरान इसे चौड़ा किया जाएगा, ताकि दो वाहन बराबर -बराबर निकल सके। उन्होंने बताया कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए नाले के दोनों ओर लोहे के ग्रिल लगाई जाएंगी। प्रोजेक्ट 18 माह में पूरा करना है। चार माह में करीब 15-20 फीसदी कार्य पूरा हुआ है। इस पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च होगा।
सड़क, पार्क और ग्रिल लगेंगी
योजना के अनुसार छलक नाले के साथ जगह की उपलब्धता के अनुसार सड़क का निर्माण होगा। शहर में कुछ जगहों पर छोड़कर नाले के साथ जगह उपलब्ध है। दूसरा नप नाले की जमीन को कब्जा करने वाले पर भी कार्रवाई करेंगी। जिससे नाले के बनाने में किसी प्रकार की कठिनाई न आने पाए। अभी कुछ जगहों पर नाले के साथ सड़क बनी हुई हैं। योजना के अनुसार नाले के साथ हरियाली के लिए पौधे भी लगाए जाएंगे। हालांकि अभी नाले के निर्माण में कुछ जगहों पर लोग रुकावट डाल रहे हैं। इसे लेकर नप लोगों को कार्य में रुकावट नहीं डालने को कहा है। अभी छलक नाले में सीवर का भी पानी जा रहा है, जिससे नाले में गंदगी बहती रहती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। नाले से सीवर की लाइन को अलग किया जाएगा। ऐसे में नाले में डाली गई सीवर लाइन शिफ्ट होगी। नाले का फर्श कच्चा रहेगा, ताकि पानी रिजार्च हो सके। जगह की उपलब्ध के अनुसार नाले के आसपास पौधे, पार्क, वॉकिंग ट्रैक व सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण होगा।
छलक नदी, जो अब नाला है
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती थी। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई अधिक थी। लेकिन, बरसात कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में यह अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। यह बारिश के पानी खासकर बाढ़ के पानी की निकासी में नाला मुख्य भूमिका निभाता है। यह नाला कुलताजपुर रोड से शुरू होकर पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाता है। नाले का निर्माण कार्य पुरा होने के बाद पुल बाजार, सलामपुरा, चांदूवाडा, पुलिस लाईन, गोशाला रोड व कैलाश नगर के लोगों को फायदा होगा।
छलक नाले का कार्य में अब तेजी आएगी। तय मानक के अनुसार कार्य हो रहे हैं या नहीं, इसके लिए कंकरीट समेत अन्य सामग्री का सैंपल लिया गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता को सुनिश्चित की जा सके। उम्मीद है कि तय समय में इसे पूरा कर लिया जाएगा।
- हेमंत कुमार, कार्यकारी अभियंता, नप।