अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
नगर परिषद ने छलक नाले के डीपीआर की तकनीकी कमियों को दूर कर दोबारा से अप्रूवल के लिए चंडीगढ़ भेज दिया है। इसमें नाले से संबंधित तकनीकी जानकारी मांगी गई थी। अप्रूवल मिलने के बाद परिषद इसके निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी करेगा। छलक नाले के करीब साढे़ तीन किलोमीटर एरिया को 28 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाना है।
नगर परिषद के एमई चमन लाल ने बताया कि छलक नाले के निर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए डीपीआर को एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था। जिसकी कुछ और जानकारी मांगी गई थी, जिसे पूरा करके दोबारा से कुछ दिन पहले भेज दिया है। उन्होंने बताया कि शहर में नाले की चौड़ाई कहीं कम तो कही अधिक है। ऐसे में डीपीआर में इसके निर्माण संबंधित जानकारियां मांगी गई थी। नगर परिषद की चेयरमैन भारती सैनी ने कहा कि इस माह तक स्वीकृत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि परिषद का प्रयास है कि नाले का बेहतर तरीके से सौंदर्यीकरण हो। जिससे आम लोगों को नाले के दुर्गंध से राहत मिले। इसलिए बीच-बीच में इसे पूरा कवर कर दिया जाएगा। शहर के बीच होने के कारण लाइट, बेंच के अलावा अन्य इंतजाम कराने की योजना है।
गौरतलब है कि नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती है। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई काफी अधिक थी लेकिन बारिश कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। परिषद की अनदेखी के कारण सफाई का अभाव है। पूरे नाले में गंदगी है और कई जगहों पर पानी रुका रहता है। जिसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों को परेेशानी होती है। यह कहीं 140 फुट चौड़ा है तो कहीं 90 फुट या फिर 20 फुट है। दूसरी ओर नाले के ऊपर कुछ लोगों अतिक्रमण करके मकान भी बना लिए हैं। योजना के अनुसार नाले को कंकरीट से कवर किया जाएगा। साथ ही पौधे और वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा। नाले की सौंदर्यीकरण की घोषणा सीएम ने की हुई है। जिसे देखते हुए प्रोजेक्ट को जल्द अमल में लाने का प्रयास किया जा रहा है। परिषद की कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक नाले के सौंदर्यीकरण करने की योजना है।