फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन वर्षों से जलभराव की समस्या से परेशान दो गांवों की 15 हजार की आबादी, स्थायी समाधान की मांग को लेकर लगाया जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
कनीना-दादरी रोड पर गांव खेड़ी-तलवाना के बस स्टैंड 500 मीटर दूूरी में पिछले तीन वर्षों से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने चार माह में तीसरी बार धरना-प्रदर्शन कर रोड जाम कर दिया। पानी की निकासी न होने से परेशान गुस्साए ग्रामीणों ने पानी में बैठकर जाम लगा दिया। रात को 11 बजे ग्रामीण पंकज, रवि व मोहित तीनों पानी में बैठ गए। सुबह 11 बजे एसडीएम सुंदर सिंह ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन

रात 11 बजे किसान को हुई परेशानी तो युुवा समाधान के लिए बैठे पानी में
पंकज ने बताया कि रात को 11 बजे एक किसान ऊंट गाड़ी में पशुओं के लिए चारा लेकर जा रहा था। गंदे पानी में उसके चारे की पोटली गिर गई जिसको उठाने के लिए कोई नहीं आया और वह किसान परेशान होता रहा। उसने साथियों की मदद से किसान के चारे की पुतलियों को उस गाड़ी में रखवाया। उसके बाद हमने प्रण किया कि प्रशासन जब तक इस पानी को नहीं निकालेगा तब तक हम यहीं पर बैठे रहेंगे।
एसडीएम ने दिया आश्वासन तो खोला जाम
सुबह 10 बजे एसडीएम सुरेंद्र सिंह अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने 1 घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। बता दें कि ग्रामीण पिछले छह माह में चार बार जाम लगा चुके हैं। हाल की में जनवरी में लगाया था तब एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने मौके पर जाकर जनरेटर के माध्यम से इस पानी को निकलवा दिया था।
विज्ञापन

दो गांवों की 15 हजार की आबादी परेशान
खेड़ी गांव में 500 घरों में 12 हजार तथा साथ लगते तलवाना गांवों में 300 घरों में 3500 की आबादी है। निवर्तमान सरपंच सूबे सिंह ने बताया कि जनसंख्या के हिसाब से गांव का जोहड़ बहुत छोटा है। थोड़ी सी भी बरसात होने पर पानी ओवरफ्लो होकर रोड़ पर आ जाता है। कुछ समय पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने यहां पर नाला बनवाया था जिसका लेवल नीचा होने की वजह से पानी दूसरी जगह नहीं जा पाता। ग्राम सचिव अनिल ने बताया कि बरसात के समय विभाग द्वारा जनरेटर लगाकर पानी को निकाल दिया जाता है इस जगह का एस्टिमेट बनाकर अधिकारियों को भेजा गया है उम्मीद है की जल्दी ही मंजूरी मिल जाएगी जिससे काम शुरू कर समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा।
खेड़ी गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या काफी समय से चलती आ रही है बरसात के सीजन में भी हमने कई बार जनरेटर लगाकर यहां से पानी बाहर भिजवाया है। इस जगह का स्थायी समाधान इस वजह से नहीं हो पाया कि मुख्य मार्ग के नजदीक पंचायत की कोई भी जमीन नहीं लगती। ट्रैक्टर के साथ इंजन लगवा कर इस पानी को अभी यहां से निकलवा दिया जाएगा। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रे वाटर पौंड अथॉरिटी की योजना चल रही है। दो सप्ताह के समय में मोटी पाइप लाइन लगाकर पानी की निकासी की जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह, एसडीएम।
तीन वर्षों से ग्रामीण उठा रहे परेशानी नहीं हो रहा समाधान
पिछले तीन वर्षों से खेड़ी के मुख्य मार्ग पर पानी भरने की समस्या है। विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों और दुकानदारों को बहुत भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाधान के लिए स्थानीय विधायक सहित प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है। रात 11 बजे ही पानी में बैठ गया था। एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि इसका समाधान आज करवा दिया जाएगा अगर इसका समाधान नहीं होता है तो कल फिर इस पानी में बैठ जाएंगे।
-पंकज हिंदू
स्थायी समाधान नहीं हुआ तो पानी में बैठकर दिया जाएगा धरना
जलभराव की समस्या तीन वर्षों से चली आ रही है। स्थायी समाधान अभी तक नहीं हुआ है। प्रशासन और सरकार जाग नहीं रही है। प्रशासन यहां पर कोई बड़ी घटना घटने का इंतजार कर रहा है। एसडीएम कनीना ने समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है। अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन पानी में बैठने का धरना दूंगा।
-ग्रामीण रवि।
विधायक से गुहार के बावजूद नहीं समाधान
समस्या के समाधान के लिए वर्तमान विधायक व प्रशासन को लिखित व मौखिक सूचना देकर बार बार अवगत करवाया जा रहा है। लेकिन प्रशासन इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। कनीना से दादरी जाने का मुख्य मार्ग है यहां पर आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। अगर सरकार ने जल्द ही इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया तो यहां पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
-ग्रामीण मोहित
बरसात के समय बढ़ जाती है परेशानी
मेरा घर इस मुख्य मार्ग के पास ही है। बरसात के समय मेरे घर में पानी भर जाता है जिसके वजह से मुझे व मेरे परिवार को छत से सीढ़ी लगाकर दूसरी तरफ से निकलना पड़ता है। इस और सरकार का बिल्कुल ध्यान नहीं है विकास के नाम पर हमारे गांव की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें