अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कुछ दिन ही शेष बचे हैं। इसके लिए हरियाणा सरकार ने अपनी परियोजनाओं को धरातल पर लाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले लगभग पांच वर्षों से पेंडिंग पड़े सब डिपो का काम तेजी पकड़ गया है। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद इस परियोजना ने तेजी पकड़ ली है। परिवहन विभाग के आला अधिकारियों ने 27 फरवरी की रात को जीएम नारनौल से फोन कर सभी दस्तावेज मांगे है। साथ इसमें अपडेट भी मांगी है। इसके बाद परिवहन विभाग में हड़कंप सा मच गया है। अगले ही दिन जीएम ने सभी दस्तावेज निदेशक को भेज दिए है। जीएम नारनौल की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को मंजूरी राशि का ड्राफ्ट बनाकर भी भेज दिया है। इस सप्ताह में वर्कशाप के टेंडर होने की उम्मीद है। अगर आचार सहित से पहले टेंडर नहीं लगे तो सब डिपो वर्कशाप का काम अधर में लटक जाएगा।
प्रथम चरण में बनेगा वर्कशॉप
बता दें कि ढाई वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12.57 करोड़ रुपये से सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। लगभग चार माह पूर्व सरकार की ओर से 6.79 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। प्रथम चरण में केवल वर्कशॉप ही बनाई जाएगी। उसके बाद सब डिपो बनाए जाने की संभावना है। लेकिन वर्तमान में सब डिपो का कार्य अधर में लटकता हुआ नजर आ रहा है। क्योंकि कुछ दिन बाद ही आचार संहिता लग जाएगी। केंद्र में नयी सरकार बन जाने के बाद प्रदेश सरकार के पास मात्र तीन महीने ही रह जाएंगे। उन तीन महीनों में वर्कशॉप का काम ही पूरा हो पाएगा।
अप्रूवल के बाद भी काम में हुई देरी
सरकार की ओर से वर्कशॉप की राशि लगभग तीन से चार माह पूर्व मंजूर हो चुकी है। राशि मंजूर होने के बाद परिवहन विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को ट्रांसफर नहीं की। इतने दिनों तक परिवहन विभाग राशि को अपने पास रखे रखा जिस कारण टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनवरी में उन्होंने पीडब्ल्यूडी को राशि भेज दी थी। परंतु पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि दस दिन पहले ही उनके पास पैसों का ड्राफ्ट आया है।
दो मुख्यमंत्री कर चुके हैं घोषणा
सब डिपो बनाए जाने की घोषणा 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की थी। उस समय हुड्डा सरकार के मात्र दो से तीन महीने ही शेष बचे थे। इसके बाद 9 अप्रैल 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सब्जी मंडी में आयोजित प्रगति रैली में इसकी आधारशिला रखी थी। उसके बाद से यह काम अधर में ही लटका पड़ा था।
वर्जन
अभी वर्कशॉप की 6.79 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है। फिलहाल वर्कशॉप पर काम किया जाएगा। इसके बाद सब डिपो पर काम होगा। जनवरी माह में हमने पीडब्ल्यूडी के पास राशि भेज दी थी। टेंडर भी वो ही लगाएंगे।
- राजीव नागपाल, जीएम, नारनौल डिपो।
वर्जन
हमारे पास दस दिन पहले ही ड्राफ्ट आया था। टेंडर के लिए हम कार्रवाई कर रहे हैं। उम्मीद है कि एक सप्ताह में वर्कशॉप भके टेंडर लग जाएंगे।
- दर्शन कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी