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नारनौल में 135 एमएम बारिश

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शहर में वीरवार रात बादल ऐसी आफत की तरह बरसे कि शहर के ज्यादातर इलाकों में पानी भर गया। निचले इलाकों में कई फुट पानी भर गया। कई जगह तो पानी शुक्रवार शाम तक निकला जिसके चलते लोगों को परेशानी हुई। अधिकारियों के आवास और सरकारी कार्यालय भी अछूते हीं रहे। गांव गहली में कच्ची नहर टूटने से पानी भर गया। इस बीच बिजली भी कई घंटे तक बाधित रही।
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वीरवार को करीब 4-5 घंटे बारिश हुई जोकि 135 एमएम रिकॉर्ड की गई। इससे पहले 19 जुलाई को सर्वाधिक 120 एमएम बारिश हुई थी। रात दो से सुबह छह बजे तक हुई बारिश से तापमान गिरा, लोगों को गर्मी से राहत मिली लेकिन सारे शहर में कई जगहों पर पानी भर गया। गांवों में भी कई जगह जलभराव हुआ। शहर की गलियों और बाजारों में कई घंटे बाद तक भी पूरी तरह पानी की निकासी नहीं हो सकी थी। इस बारिश ने प्रशासन की जल निकासी के दावों की पोल खोल दी। शहर का एक भी मोहल्ला या गली नहीं होगी, जहां पानी न भरा हो। महेंद्रगढ़ रोड स्थित उपायुक्त आवास, निजामपुर स्थित जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय, नागरिक अस्पताल, जिला परिषद कार्यालय, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में भी पानी भर गया।
बारिश के कारण शहर निचले इलाकों में 3-4 फुट तक पानी खड़ा हो गया। इनमें मोहल्ला जमालपुर, पुरानी सराय, सैन चौक, मोहल्ला रावका, पार्क गली, छिप्पी जोहड़, नलापुर, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, मामचंद कॉलोनी आदि शामिल है। बरसाती पानी भर जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोहल्लों की गलियां जलमग्न होने से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए। कई घरों में तो बरसाती पानी घुस गया। जिससे मकानों में रखा सामान खराब हो गया। वहीं कई सरकारी कार्यालयों व स्कूलों में भी बरसाती पानी जमा हो गया।
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रेलवे द्वारा लोगों के आगमन के लिए बनाए गए अंडरपासों में भी काफी मात्रा में बरसाती पानी जमा हो गया। शहर में नागरिक अस्पताल के पास, बहरोड रोड, सीआईए रोड, 45 नंबर चौकी पर रेलवे अंडरपास बनाए गए है। जिनमें इस बारिश में 5-6 फुट तक पानी भर गया। जिससे लोग एक तरफ से दूसरी तरफ नहीं जा सके। इस प्रकार लोगों का आपसी संपर्क टूट गया। यहीं अंडरपासों में कई वाहन भी फंसकर खड़े हो गए जिसे लोगों की सहायता में कड़ी मशक्कत से निकाला गया।
बारिश के पानी निकासी के लिए शहर में बनाए गए छलक नाले का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। नाले के कार्य को चलते एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक छलक नालेे का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण भी शहर में पानी की निकासी बाधित हो रही है, क्योंकि छलक नाले के अधूरे निर्माण के कारण इसके आसपास स्थित मोहल्लों में भी भार काफी पानी जमा हो गया। उक्त पानी को नाले की एक दीवार तोड़कर निकालना पड़ा।
बारिश इतनी जोरदार थी कि नेशनल हाइवे ने भी नदी का रूप ले लिया। नेशनल हाइवे पर भी कई फुट बरसाती पानी जमा हो गया। इससे लोगों में हाइवे निर्माण करने वाले कंपनी के प्रति रोष है क्योंकि कंपनी ने ऐसी स्थिति को ध्यान में रखकर हाइवे का निर्माण नहीं किया।

गांव रघुनाथपुरा के पास नेशनल हाइवे 152-डी पर भरा बारिश का पानी। - फोटो : Narnol

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