अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
नागरिक अस्पताल में ठेका प्रथा के तहत लगे स्वास्थ्य कर्मी ठेका समाप्त होने के बाद मंगलवार को वार्ड ब्वॉय, सफाई कर्मचारी व कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मी मंगलवार को नागरिक अस्पताल में धरना देकर बैठ गए। इस धरने में कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल होने के कारण नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा जिससे परेशान मरीजों ने सुबह अस्पताल में हंगामा भी किया।
ठेके पर लगे कर्मियों ने बताया कि अनुबंध समाप्त होने के बाद 12 दिन से सोमवार तक उन्होंने कार्य किया। कर्मियों को जब वेतन नहीं मिला तो उन्होंने सोमवार को सीएमओ से मिलकर मंगलवार से बिना वेतन कार्य नहीं करने की चेतावनी दी और उन्हें पुन: रखने की गुहार लगाई। इसके चलते मंगलवार सुबह से उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के दौरान काफी समय तक ओपीडी पर्ची नहीं काटी गई तो वहां मौजूद मरीजों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना अस्पताल प्रशासन को लगी तो उन्होंने तुरंत अन्य कार्य में लगे तीन-चार कर्मचारियों को ओपीडी में पर्ची कार्य के लिए बैठाया, लेकिन वे कर्मचारी भी ऑनलाइन पर्ची कार्य के लिए समक्ष नहीं थे। इस पर प्रशासन ने उन कर्मचारियों से मरीजों को मैनुअल हाथ से लिखकर पर्ची काटकर दिलवानी शुरू की तब जाकर मरीजों का गुस्सा शांत हुआ। सप्ताह की शुरूआत होने के कारण मंगलवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या अन्य दिनों की तुलना में अधिक रही।
अस्पताल में सफाई व अन्य व्यवस्थाएं चरमराई
अस्पताल में वार्ड ब्वॉय, सफाई कर्मचारी व कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कार्यों में लगे कर्मी हड़ताल पर चले जाने के कारण अस्पताल परिसर की सफाई व अन्य व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई। अस्पताल परिसर के अंदर व बाहर सफाई भी नहीं हो पाई जिस कारण अस्पताल परिसर में दिनभर गंदगी का आलम बना रहा।
78 कर्मचारी लगे हैं अस्पताल में ठेके पर
नागरिक अस्पताल में वार्ड ब्वॉय, सफाई, कंप्यूटर ऑपरेटर व शिकायत केंद्र सहित अन्य कार्यों के लिए 78 के करीब स्वास्थ्य कर्मी ठेके पर लगाए हैं। इन कर्मचारियों को अनुबंध 18 अप्रैल को समाप्त हो गया है। नए ठेके के लिए 5 अप्रैल को दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। परंतु स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने नई पॉलिसी के तहत ई-ट्रेडिंग प्रक्रिया होने का तर्क देते हुए पुरानी टेंडर पॉलिसी प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इसके बावजूद भी कर्मचारी इसी उम्मीद से 12 दिन अपना कार्य करते रहे की दोबारा उन्हें रखा जाएगा, लेकिन जब उन्हें उक्त प्रक्रिया की सूचना लगी तो वे सोमवार शाम को सिविल सर्जन इंद्रजीत धनखड़ से मिलकर उन्हें बिना वेतन कार्य नहीं करने की चेतावनी दे दी।
विभाग ने ठेकेदार को दी एक माह की एक्सटेंशन
ठेके पर लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों बिना वेतन कार्य नहीं करने की चेतावनी के बाद सीएमओ ने अपने उच्चाधिकारियों को उनकी समस्या से अवगत कराया जिसके बाद उच्चाधिकारियों की ओर से सूचना आई कि ठेकेदार का एक माह एक्सटेंशन बढ़ा दिया गया है। इस प्रकार उन्हें उनका वेतन दिया जाएगा। नई पॉलिसी के तहत टेंडर प्रक्रिया अब दोबारा से शुरू की जाएगी।
शाम को मांगें मानी, काम पर लौटे कर्मचारी
अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों को सिविल सर्जन व ठेकेदार द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद कर्मचारी शाम तक कार्य पर लौट गए। धरने पर बैठे कर्मचारी विनोद, विकास, हेमंत, मुन्नालाल, नरेश सैनी, गीता, चंद्रा, सोनू, मंजू, कृष्ण, पवन व सुनील आदि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका एक्सटेंशन एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा ई-ट्रेडिंग पॉलिसी के तहत होने वाली प्रक्रिया में भी उन्हें ही वरीयता दी जाएगी। अर्थात उन्हें ही कार्य पर रखा जाएगा।
वर्जन
किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया गया है। उनका ठेका अनुबंध समाप्त हो गया है। उच्चाधिकारियों से बात कर ठेके को एक माह का एक्सटेंशन करवाया गया है। अब नई पॉलिसी के तहत टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सिविल सर्जन नारनौल।