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लहू उबाल मार रहा है,एक ईशारे पर सैनिक भाइयों का साथ देने पाकिस्तान बार्डर पर पहुंच जाएंगे

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। देश के पूर्व सैनिकों ने कहा कि हमारी रगों में बह रहा लहू अब भी उबाल मार रहा है। भारतीय वायुसेना के सर्जिकल स्ट्राइक ने सीना चौड़ा कर दिया है। अगर कहीं जरूरत होगी तो हम दोबारा से वर्दी पहनकर बॉर्डर पर जंग लड़ने को तैयार हैं। एक इशारे पर अपने सैनिक भाइयों का साथ देने के लिए पाकिस्तान के बॉर्डर पर पहुंच जाएंगे।
अमर उजाला संवाद सेतु कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सैनिकों ने कहा कि 1971 के बाद एक बार फिर से भारत ने पाकिस्तान की जमीन में घुसकर उसे सबक सिखाया है। भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के पदाधिकारियों और यादव सभा के सदस्य संवाद सेतु कार्यक्रम में शामिल हुए। यादव सभा के प्रधान प्रेमराज यादव हमारी सेना ने बेहद सराहनीय कार्य किया है। इस कार्रवाई से पाकिस्तान में बौखलाहट है। यादव सभा के पदाधिकारी लक्ष्मी नारायण बालरोडिया ने कहा सेना पर पथराव करने वाले भी आतंकी से कम नहीं। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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बोले पूर्व सैनिक

मैंने 1965 के युद्ध में हिस्सा लिया था। पाकिस्तान को अच्छी तरह से जानता हूं। हमारी वायुसेना ने उसे करारी चोट हमने दी है। तिलमिलाया पाकिस्तान कुछ उल्टी सीधी हरकर कर सकता है। इस कारण हमें सतर्क रहने की जरूरत है। सेना को अलर्ट रखना होगा।
- सरजीत सिंह, रिटायर्ड कैप्टन।

56 इंच सीना रखने वाले पीएम ने हमारा सीना 156 इंच कर दिया है। पुलवामा हमले के तेरहवें दिन पाकिस्तान की 13वीं कर दी। हम 25 फरवरी को पूर्व सैनिक रैली में गए थे, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था बहुत कुछ होना बाकी है। 26 की सुबह ही हमें सुखद समाचार मिल गया।
- ब्रह्मदेव आर्य, रिटायर्ड कैप्टन।

लाल बहादुर शास्त्री ने भी 1965 में इसी तरह की खुली छूट थी। हम पूना में तैनात थे, एयरलिफ्ट कर हमें बार्डर तक पहुंचाया गया था। आज सेना की बहादुरी देखकर काफी खुशी महसूस हो रही है। हमारी सेना ने साबित कर दिया कि हम दुश्मन को करारा सबक सिखाने में सक्षम हैं।
- चंदगीराम, रिटायर्ड कैप्टन।

बहुत कम समय में प्लान तैयार कर भारतीय सेना ने अच्छा बदला लिया। सेना के अदम्य साहस को सलाम करता हूं। आतंकवाद को जड़ से मिटाना जरूरी है। 25 फरवरी को पूर्व सैनिकों को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी ने जो आक्रोश दिखाया था अगले 24 घंटे में ही उसका रिजल्ट आ गया।
- महाबीर प्रसाद, रिटायर्ड सूबेदार मेजर।

1971 के युद्ध का गवाह हूं। हमें खुली छूट मिली तो हम 24 घंटे में ही पाकिस्तान में 200 किलोमीटर तक घुस गए थे। हजारों पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बना लिया था। भारतीय सैनिकों के जोश का विश्व में किसी सेना के साथ मुकाबला नहीं है। सैनिक बदला लेना जानते हैं।
- देशराज, रिटायर्ड हवलदार।

जिस पोस्ट से भारत ने हमला किया उस पोस्ट पर मैं लंबे समय तक रहा हूं। पीओके में यह हमला काफी मुश्किल था। इसके बावजूद वायुसेना ने बिना किसी नुकसान बम गिराए। चुनौती भरे इस मिशन को कामयाब करने के लिए सैनिकों को सेल्यूट करता हूं।
- राजेंद्र सिंह, रिटायर्ड कैप्टन।

मेरे पिता भी आर्मी में थे। मैं सात साल कश्मीर में रहा हूं। अब मेरा बेटा देश की सेवा कर रहा है। फिलहाल वह जयपुर में तैनात है। कल बात हुई तो अपने बेटे का जोश देखा। बेटे भगत सिंह को मैंने कहा कि अपने नाम की वीरता दिखाना। पत्थरबाजों को देखकर खून खोलता है।
- रण सिंह लांबा, रिटायर्ड हवलदार।

लातों के बात बातों ने नहीं मानते। इतनी कार्रवाई से पाकिस्तान नहीं मानेगा। उसे बड़ा सबक सिखाना होगा। देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पत्थरबाजों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धारा 370 को खत्म किया जाना चाहिए। सेना को पूरी छूट रहनी चाहिए।
- घीसाराम, रिटायर्ड कैप्टन।

पाकिस्तान में बने आतंक के छह किलों को ध्वस्त करने पर सेना को बधाई देता हूं। जवानों के बुलंद हौसले के कारण यह सफलता मिल सकी। आने वाले समय में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। पाकिस्तान को सबक सिखाते रहें।
- रघुबीर सिंह, रिटायर्ड कैप्टन।

हम चार भाइयों में से तीन सेना में रहे। अब मेरे दो बेटे सेना में तैनात हैं। मैं इतना कहना चाहूंगा कि छोटे हमले की बजाए आतंक के आका को खत्म करें। देश के लोगों में बेहद गुस्सा था। इंटेलीजेंस ने वायुसेना के साथ सामंजस्य स्थापित कर बेहद अच्छे तरीके से स्ट्राइक को कामयाब किया।
- दयाराम, रिटायर्ड सूबेदार।

कश्मीर में 1996 में तैनात रहा था। वहां के लोग आतंकियों को पनाह देते हैं। कश्मीर में आतंक खत्म करने के लिए धारा 35ए और 370 को खत्म करना चाहिए। यह धारा खत्म होंगी तो आतंक काफी हद तक मिट जाएगा। आतंक को सहयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
- सरजीत सिंह, रिटायर्ड हवलदार।

देश के बजट का एक बड़ा हिस्सा जम्मू कश्मीर में जाता है। धारा 35ए और 370 को खत्म किया जाना चाहिए। जब तक उन लोगों को मदद बंद नहीं जाएगी तब तक वह आतंकियों को पनाह देते रहेंगे। आतंक पर कार्रवाई के लिए सेना को कश्मीर में पूरी छूट मिलती रहनी चाहिए।
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- भागमल, रिटायर्ड हवलदार।

हमने ईंट का जवाब पत्थर से दिया। सैनिकों की शहादत के बाद देश गुस्से में था। आज पूरे देश में जश्न का माहौल है। सेना की बहादुरी का जवाब नहीं है। आतंकियों पर इस तरह की कार्रवाई समय समय पर करनी होगी। जिसके बाद आतंकी भारत में घुसने की हिमाकत नहीं कर सकेंगे।
- राजेंद्र सिंह खेड़ा, रिटायर्ड कैप्टन।
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