अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला परिषद की सामान्य बैठक डीआरडीए हाल में बुधवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद चेयरपर्सन राजेश देवी ने की। इसमें वित्तवर्ष 2019-20 का 5.42 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास हुआ। इसके अलावा जिले के पर्यावरण संरक्षण को लेकर जैव विविधता प्रबंधन समिति का गठन हुआ।
बैठक की अध्यक्षा चेयरमैन राजेश देवी ने की। बैठक में डिप्टी सीईओ दीपक कुुुमार यादव ने जिले में जल विविधता प्रबंधन समिति गठन पर प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने सदन को बताया कि समिति का कार्यकाल तीन साल के लिए होगा। समिति जैव संसाधनों को बचाने का कार्य करेगी। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण चेन्नई व हरियाणा जैव विविधिता पंचकूला से संबंधित विषयों पर सलाह लेकर काम ककरेगी। उन्होंने पार्षदों को बताया कि समिति स्थानीय वैद्यों और इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी। जैव संसधानों के पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने और संरक्षण पर कार्य होगा। इसके लिए अरावली में जीव जंतु को बचाने के लिए प्रावधान किया जाएगा। इसमें विलुप्त होती पक्षियों के संरक्षण करना भी शामिल है। इसके साथ ही बढ़ते प्रदूषण और गिरते भू जल स्तर के रोकथाम के लिए कमेटी कार्य करेगी। विचार विमर्श के बाद सभी पार्षदों ने प्रस्ताव को पास कर दिया। समिति का चेयरमैन राजेश देवी, सदस्यों में राजबाला, आरती, अश्ववनी, प्रदीप मालडा, राकेश व सचिव आरएफओ रजनीश शामिल है।
आय-व्यय का ब्योरा किया प्रस्तुत
बैठक में वर्ष 2018-19 का अप्रैल से दिसंबर का आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। इसमें पिछले साल करीब चार करोड़ रुपये के कार्यों पर चर्चा हुई। इसके बाद वित्तवर्ष 2019-20 के पांच करोड़ 42 लाख रुपये के बजट पर चर्चा हुई। इसमें गांवों में गलियों के निर्माण, नाली निर्माण समेत अन्य कार्य शामिल थे। पार्षदों ने सर्वसम्मति से बजट पास कर दिया। बजट पिछले साल से 10 फीसदी अधिक है। बैठक करीब 50 मिनट चली।
पेंशन का मामले पर हंगामा
बैठक में पार्षदों ने बुढ़ापा पेंशन में उम्र के लिए नियमों में ढील देने की मांग उठाई। इस मुद्दे पर पार्षद प्रदीप मालडा, कुलदीप सुरजनवास, सुरेश ने समाज कल्याण विभाग ने बुढ़ापा पेंशन में दूसरी व तीसरी व पांचवीं कक्षा में दर्ज उम्र को पेंशन में आधार बनाने की मांग उठाई। समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि ने बताया कि सरकार ने केवल दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्र को ही बुढ़ापा पेंशन के लिए आधार बनाया है। इस बारे में सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रमुख राजेश देवी ने सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार व समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि से इस मुद्दे को सरकार के उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का सुझाव दिया।
गांवों के विकास कार्यों पर की चर्चा
बैठक में विभिन्न गांवों में गंदे पानी निकासी का मुद्दा भी उठा। बिजली निगम महेंद्रगढ़ के एसडीओ की शिकायत पर कार्रवाई किये जाने की मांग उठाई। बैठक में पिछली कार्रवाई की पुष्टि की गई। बैठक में गांव बेरी, जादुपुर, डालनवास, डिगरोता में विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। बिजली निगम के जगमग योजना का मामला उठाया गया। गांव लावन व बसई में जोहड़ का नाला बनवाने,गंदे पानी निकासी करवाने का मुद्दा उठाया गया। बैठक में कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी नवनीत, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर अरुण कुमार यादव, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल सिंह समेत अन्य पार्षद शामिल थी।