नारनौल। आमजन को खानपान के प्रति जागरूक करने के लिए हर वर्ष विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इससे लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके। बदलते परिवेश में असुरक्षित खानपान से सेहत संबंधी अनेक बीमारी होने का खतरा रहता है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का मकसद हर एक व्यक्ति को पौष्टिक और संतुलित भोजन प्रदान करना है। इसके साथ ही खानपान से होने वाले खतरों को रोकना, मिलावटी चीजों का पता लगाना कर आमजन को जागरूक करना रहता है। इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन ने इसके लिए खाद्य सुरक्षा अप्रत्याशित के लिए तैयार रहें थीम बनाई है। हालांकि आमजन को मिलावटी सामान से बचाने के लिए खाद्य विभाग की तरफ से लगातार सैंपल भी लिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों में जागरूकता का अभाव होने की वजह से मिलावटखोर सामान बेचने में कामयाब हो रहे हैं।
वर्ष 2024 में 10 लाख का लगाया जा चुका है जुर्माना
जिले में खाद्य विभाग सैंपल फेल आने पर मिलावटखोरों पर जुर्माना भी लगवा रहा है। अगर वर्ष 2024 की बात करे तो अब तक 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसमें पनीर, मसाला, खोया व तेल सहित अन्य सामान का सैंपल फेल पाया गया था। इसके बाद मिलावटखाेरों पर जुर्माना लगाया था।
100 में 36 सैंपल मिले थे फेल
महेंद्रगढ़ जिले में वर्ष 2024 में करीब 100 सैंपल विभिन्न दुकानों से लिए गए थे। इनमें साफ-सफाई नहीं होने सहित सामान में मिलावट होने पर सैंपल भरे गए थे। जिसके बाद जांच रिपोर्ट में करीब 36 सैंपल फेल मिले। खाद्य विभाग की तरफ से समय-समय पर जिले भर में सैंपल लिए जा रहे हैं।
हर व्यक्ति को बिना मिलावट के सामान मिले, इसके लिए विभाग की तरफ से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। अगर किसी भी उपभोक्ता को मिलावटी सामान बेचने के बारे में पता चलता है तो विभाग को शिकायत कर सकता है। विभाग द्वारा वर्ष 2024 में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुके हैं, वहीं 100 से ज्यादा सैंपल भरे गए हैं।
डॉ. राजेश वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारनौल।