कुरुक्षेत्र। युवा पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति चेतना पैदा करने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आरके सदन में आयोजित यूथ फॉर नेशन कार्यक्रम में हरियाणा शाखा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि के रूप में हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने शिरकत की। इस दौरान राज्यपाल दत्तात्रेय ने युवाओं को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि यदि धन चला जाए तो कुछ नहीं जाता यदि स्वास्थ्य चला जाए तो थोड़ा चला जाता है यदि चरित्र चला जाए तो सब कुछ चला जाता है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के बारे में कहा कि युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में पूरे विश्व को बताया कि भारत क्या है और भारत की संस्कृति एवं देन क्या है। इसलिए हमें देश के बारे में संस्कृति, आचार, एवं व्यवहार के बारे में श्रद्धा रखनी चाहिए। कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य मनुष्य के अंदर व्यक्तित्व एवं नैतिक मूल्यों का निर्माण करना है।
इनसे पहले हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने कहा कि आज के युवाओं को कल के भारत के लिए तैयार करना, युवाओं को ज्ञानवान, कौशलवान और दायित्ववान बनाना इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य है।
प्रो. कुठियाला ने कहा कि सबके मन में एक ही संकल्प है कि मेरा भारत वो भारत बने जो पहले था। वैसा ही सोने की चिड़िया बने और अपने भारत को विश्व गुरु बनाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में राष्ट्र के प्रति भक्ति-भाव होना बहुत जरूरी है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि युवाओं को राष्ट्र प्रेम के लिए जागृत करना और उन्हें राष्ट्र के निर्माण के कार्य में लगाना तथा इसके द्वारा आत्मनिर्भर हरियाणा व भारत बनाना ही यूथ फॉर नेशन का उद्देश्य है। आज बेरोजगारी दर सात से नौ प्रतिशत बनी हुई। जो ज्यादा पढ़े लिखे हैं वहां यह दर 19 से 20 प्रतिशत है। अगर हम युवाओं के अंदर कौशल विकास कर उनको स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं तो हमें विश्व शक्ति बनने से कोई भी नहीं रोक सकता।
कमांडर वीके जेतली ने बताया कि यूथ फॉर नेशन का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति युवाओं में देशभक्ति की चेतना को जागृत करना है। यूथ फार नेशन के नेशनल कोऑर्डिनेटर जीएस मूर्ति ने कहा कि राष्ट्र के लिए महान विभूतियों ने अपना अहम योगदान दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी ने कहा कि भारत दानवीरों, ज्ञान वीरों तथा शूरवीरों की भूमि है। आने वाले 25 वर्ष भारत के लिए अति महत्वपूर्ण है। राष्ट्र भक्ति से बड़ी कोई भक्ति नहीं है।
कुलाधिपति ने किया सामुदायिक ऊष्मायन केंद्र का उद्घाटन
इससे पहले राज्यपाल ने यूआईईटी में स्थापित सामुदायिक ऊष्मायन केंद्र का उद्घाटन किया। कहा कि करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बना यह केंद्र शोधार्थियों को इनोवेशन के साथ शोध को भी बढ़ावा देगा। इससे इंजीनियरिंग पढ़ने वाले विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। कुलपति प्रो. सचदेवा ने बताया कि इस केंद्र की स्थापना के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स एवं संचार सचिवालय से 30 लाख रुपये, यूआईईटी के फंड से 15 लाख, एमएचआरडी के टीक्यूप-3 परियोजना के तहत 50 लाख रुपये का सहयोग मिला है। साथ ही यूआईईटी को एमएसएमई से 15 लाख रुपये के अनुदान के लिए भी चुना गया है। इस केंद्र की स्थापना रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए की गई है, जिससे उद्यमिता और स्टार्टअप के माध्यम से व्यवसाय की स्थापना हो सके।