संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले की सत्र अदालत ने एक मामले में पत्नी के अपने बयान से मुकरने के बाद पत्नी पर हमला करने वाले आरोपी पति मंजीत सिंह को बरी कर दिया। सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने अभियोजन पक्ष के पास ठोस साक्ष्य न होने के कारण मंजीत को संदेह का लाभ दिया।
29 मई को मंजीत सिंह पर बयान से मुकरने वाली पत्नी ने ही थाना शाहाबाद में शिकायत दर्ज करवाते हुए आरोप लगाए थे जिनके आधार पर मंजीत सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 110 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 115(2) (हानिकारक चोट के साथ आपराधिक बल प्रयोग) के तहत अपनी पत्नी पर लोहे के तवे से हमला करने का आरोप था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया था कि 25 मई को रात आठ बजे मंजीत ने बिना कारण झगड़ा किया और तवे से उनके सिर पर प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वह बेहोश हो गई और उनकी सास व पति उन्हें शाहाबाद के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उनका मेडिकल नहीं करवाया गया। बाद में उनकी बहन ने उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया।
अदालत में शिकायतकर्ता पत्नी ने अपने पुलिस बयान से पलटते हुए कहा कि उनकी चोटें रसोई में सीमेंट स्लैब से टकराने से लगीं न कि मंजीत के हमले से। उनकी बहन ने भी यही बात दोहराई। दोनों गवाहों को अभियोजन की ओर से शत्रुतापूर्ण घोषित किया गया। अभियोजन ने नौ गवाह पेश किए जिनमें चिकित्सा अधिकारियों ने चोटों को गंभीर बताया लेकिन यह सिद्ध नहीं हो सका कि चोटें तवे से लगीं। जांच में बरामद तवे की प्रामाणिकता पर सवाल उठे, क्योंकि बरामदगी के समय कोई स्वतंत्र गवाह शामिल नहीं था।