रविवार रात को आग में झुलसने से जेबीटी शिक्षक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की रात शिक्षक की पत्नी उससे झगड़ा कर उसके पिता को फोन कर घर से चली गई थी। सुबह जब शिक्षक के पिता ने आकर देखा तो घर से धुंआ निकल रहा था और अंदर उनके बेटे का शव जला पड़ा था। शिक्षक के पिता की शिकायत पर लाडवा पुलिस ने मृतक की पत्नी, साले व दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में लाडवा निवासी सुलेख चंद ने बताया कि उसका बेटा रितेश छपरा इंद्री (करनाल) की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पढ़ाता था। डेढ़ साल पहले उसकी शादी साहा अंबाला वासी युवती के साथ हुई थी। दोनों पति पत्नी लाडवा में शर्मा कॉलोनी वार्ड 8 में रहते थे। शादी के बाद से ही उसकी पत्नी रितेश के साथ लड़ती झगड़ती रहती थी। हर बार तीन-चार दिन के बाद वह मायके चली जाती थी। दो व तीन जनवरी को रितेश की पत्नी का अंबाला में एचटेट का पेपर था। दो जनवरी को वह साहा अंबाला में अपनी ससुराल में ही रुक गया। अगले दिन रितेश अपनी पत्नी, साला प्रिंस तथा दो अन्य युवकों के साथ रात साढ़े दस बजे लाडवा अपने घर आ गया। रितेश के पिता के अनुसार रात साढ़े 11 बजे रितेश की पत्नी का उनके पास फोन आया कि वह यहां पर नहीं रहना चाहती, वह यहां से जा रही है। फोन पर बहु की इस बात से वह घबरा गए। उसके बाद वह अपने बेटे को फोन करते रहे, लेकिन फोन स्विच ऑफ आ रहा था। सुबह 5:30 बजे जब वह अपनी पत्नी राजरानी के साथ रितेश के घर पहुंचे तो वहां घर से धुआं उठ रहा था। अंदर देखा तो पूरे घर में आग लगी हुई थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई। आग पर काबू पाने के बाद घर के अंदर जाकर देखा तो रितेश का शव जला पड़ा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। वहीं मौके पर सीन ऑफ क्राइम डॉ. चंद्रशेखर व पुलिस टीम ने साक्ष्य जुटाए। जांच अधिकारी मूलचंद गिरी ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत पर मृतक की पत्नी, साला प्रिंस व दो अन्य युवकों के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।