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बिना शिक्षक तैयार हो रहे भावी चिकित्सक

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श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज से भले ही विद्यार्थियों को यूजी, पीजी और पीएचडी करने का अवसर मिला है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता नहीं। आयुर्वेदिक कॉलेज के पंचकर्म, शरीर रचना, शरीर क्रिया सहित कई विभागों के करीब 10 अनुभवी शिक्षकों का डेपुटेशन पर आयुष विश्वविद्यालय सहित अन्य स्थानों पर स्थानांतरण किया गया है, जिसकी वजह से भावी चिकित्सकों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बता दें कि आयुर्वेदिक कॉलेज में पांच विभिन्न पाठ्यक्रमों में पीजी करवाई जा रही है, जबकि 9 पाठ्यक्रमों में पीएचडी कराने की तैयारी है। बीएएमएस (यूजी) में 300 से अधिक, एमडी (पीजी) में 24 और डी-फार्मेसी में करीब 100 विद्यार्थी हैं।
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जानकारी के अनुसार पंचकर्म विभाग के प्रोफेसर डा. आशीष मेहता को श्रीकृष्णा आयुष विवि में डीन एकेडमिक अफेयर, रस शास्त्र विभाग के डा. रविराज (रीडर) को स्टेट ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री का चार्ज सौंपा हुआ है। मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डा. बलबीर सिंह को प्रोक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि डा. नेहा और डा. नीलम ओपीडी देखती हैं। इसके अलावा बाल रोग विभाग के प्रोफेसर डा. शंभू दयाल शर्मा को डीडीओ पावर दी गई है।
शरीर क्रिया विभाग
दिसंबर 2018 से विभाग के प्रोफेसर डा. देवेंद्र खुराना को कॉलेज प्राचार्य का कार्यभार सौंपा हुआ है, जबकि एक लेक्चरार पिछले करीब 15 वर्ष से हरियाणा भवन में डेपुटेशन पर चल रही हैं, जिसकी जगह डा. मनीषा को नियुक्ति दी गई है। यूजी व पीजी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की जिम्मेवारी
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डा. प्रेम चंद मंगल (रीडर) और डा. मनीषा के कंधों पर है।
शरीर रचना विभाग
विभाग के प्रोफेसर डा. सतीश वत्स को आयुष विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक और लेक्चरार डा. आशीष को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। शरीर रचना में यूजी, पीजी और पीएचडी शुरू हो चुकी है। डा. सचिन शर्मा (रीडर), डा. रजनीश (लेक्चरार) विद्यार्थियों की कक्षाएं ले रहे हैं।
द्रव्यगुण विभाग
द्रव्यगुण विभाग प्रोफेसर डा. अनिल शर्मा को डेपुटेशन पर आयुष विश्वविद्यालय का कुलसचिव नियुक्त किया गया है। डा. रविंद्र अरोड़ा (रीडर) और डा. सतिंद्र सांगवान (लेक्चरार) कक्षाएं ले रहे हैं।
स्वस्थवृत विभाग
विभाग के डा. सुरेंद्र सहरावत को डेपुटेशन पर आयुष विवि में डिप्टी मेडिकल सुप्रिटेडेंट पर नियुक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार डा. सहरावत की क्लीनिकल में एमडी नहीं है। डीएमओ लगाने के लिए एएमओ होना अनिवार्य है।
शल्य (सर्जरी) विभाग
विभाग के एक प्रोफेसर को श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक अस्पताल का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि डा. राजेंद्र चौधरी (रीडर) को आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति का ओएसडी नियुक्त किया गया है। बता दें कि विभाग के लेक्चरार डा. कृष्ण जाटयान कुलसचिव रह चुके हैं।
शिक्षकों के डेपुटेशन पर जाने से पढ़ाई हुई प्रभावित : डा. राणा
हरियाणा गर्वमेंट आयुुर्वेदिक टीचर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक राणा ने कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज से कई अनुभवी शिक्षकों को डेपुटेशन पर आयुष विवि में भेजा गया है, जिसकी वजह से भावी चिकित्सकों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विवि प्रशासन को इसकी ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि शिक्षकों को परेशानी न झेलनी पड़े और बच्चों को पढ़ाई प्रभावित न हो।
कॉलेज विश्वविद्यालय में हो चुका है ट्रांसफर: डा. धीमान
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बलदेव धीमान का कहना है कि श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज आयुष विश्वविद्यालय में अंतर्गत आता है। विश्वविद्यालय कॉलेज से स्टाफ को डेपुटेशन पर ले सकता है।
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