कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, डॉ. संजीव कादयान, सुखबीर सिंह, डॉ. नरेंद्र कुमार, रजनी देवी की ओर से संपादित पुस्तक सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) वर्तमान समझ और नई संभावनाओं की खोज का विमोचन किया।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यह संपादित खंड, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) वर्तमान समझ और नई संभावनाओं की खोज, एक सामयिक अकादमिक प्रयास है जो हमारे ज्ञान को गहन करने और वर्तमान विमर्श की सीमाओं का विस्तार करने के लिए बहु-विषयक अंतर्दृष्टि, क्षेत्र-आधारित साक्ष्य और दूरदर्शी विचारों को एक साथ लाता है। पुस्तक के संपादक प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि यह पुस्तक इंदु बुक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली की ओर से प्रकाशित है। यह पुस्तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से संबंधित अवधारणाओं को सार्थक कार्यों में परिवर्तित करने के लिए कार्यरत है। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रो. अनिल ने संभाला कुवि प्राक्टर का कार्यभार
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार आईआईएचएस के प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राक्टर पद का कार्यभार संभाला। उन्होंने इस जिम्मेवारी को सौंपने के लिए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार प्रकट करते हुए विश्वविद्यालय के हित में कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की बात कही। इस मौके पर प्रो. अजमेर सिंह, प्रो. भगवान सिंह चौधरी, प्रो. प्रेम सिंह, प्रो. संजीव शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
डॉ. ऋषिपाल कुवि कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मनोनीत
कुरुक्षेत्र। वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. ऋषिपाल को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की ओर से यह मनोनयन आगामी एक वर्ष की अवधि हेतु किया गया है। डॉ. ऋषिपाल ने अपने मनोनयन पर कुलपति का आभार जताया और कहा कि यह उनके लिए केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि एक सृजनात्मक उत्तरदायित्व है। विश्वविद्यालय की नीति-निर्माण प्रक्रिया में अपना योगदान देना उनके लिए गौरव की बात है। यह मनोनयन शिक्षा-जगत में उन मूल्यों की पुनर्पुष्टि है, जहां अनुभव, विद्वता और संस्कृति के प्रति समर्पण को सम्मान मिलता है।