कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में नवप्रविष्ट ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हो गया। ये संस्कार ब्रह्मचारियों के आध्यात्मिक एवं शैक्षिक जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्ट्डीज संस्थान चेयरपर्सन प्रो. डॉ. रामचंद्र ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
मंच पर गुरुकुल के वरिष्ठ शिक्षक रमेशचंद एवं श्रवण कुमार ने अतिथियों को उपवस्त्र देकर सम्मानित किया।
संस्कृत विभागाध्यक्ष आचार्य दयाशंकर के मार्गदर्शन में ब्रह्मचारियों के उपनयन संस्कार की पूरी प्रक्रिया वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुई। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मचारियों को जीवनोपयोगी, व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया, और उन्हें संयम, अनुशासन, समर्पण का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी का भोजन, भजन और शयन शुद्ध हो जाए तो उसका जीवन स्वयं शुद्ध और पवित्र हो जाता है। मुख्य अतिथि डॉ. रामचंद्र ने कहा कि यह जीवन के 16 संस्कारों में से दसवां संस्कार है। इस मौके पर गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार, प्रधानाचार्य सुबे प्रताप, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य आचार्य मौजूद रहे। संवाद