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Kurukshetra News: उत्कृष्ट कार्य करने वाले आठ वैज्ञानिकों को गोयल पुरस्कार से नवाजेगा विश्वविद्यालय

Tue, 20 Aug 2024 06:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से छह सितंबर को गाेयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 17वें गाेयल पुरस्कार सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार मुख्यातिथि होंगे। समारोह में एप्लाइड साइंस, लाइफ साइंस, कैमिकल साइंस और फिजिकल साइंस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें चार वैज्ञानिकों को गोयल और चार को राजीब गोयल पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ से फिलहाल समय नहीं मिल पाया है। ऐसे में उन्हें गोयल शांति पुरस्कार से बाद में नवाजा जाएगा।
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गोयल पुरस्कार आयोजन समिति के संयोजक प्रो. संजीव अरोड़ा ने बताया कि छह सितंबर को होने वाले सम्मान समारोह के लिए विवि की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। इसमें चार राजीब गोयल पुरस्कार हैं, जिनसे 45 वर्ष से कम के युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाएगा तथा चार गोयल पुरस्कारों से 45 वर्ष से अधिक के वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ को चंद्रयान और भारत स्पेस में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गोयल शांति पुरस्कार देकर बाद में सम्मानित किया जाएगा।
गोयल पुरस्कार समिति के सह-अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि गोयल शांति पुरस्कार की शुरुआत राम एस गोयल के स्वर्गवास होने के बाद 2010 में की गई थी। इसमें दो लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जबकि गोयल पुरस्कार की शुरुआत 1992 में और राजीब गोयल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष-2000 में की गई थी। गोयल पुरस्कार के वितरण को निरंतर रखने का जिम्मा वर्ष 2000 में कुवि को सौंपा गया। विवि के साथ एमओयू हुआ कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को गोयल पुरस्कार वितरित करने का कार्य कुलपति की अध्यक्षता में गठित टीम करेगी और वित्तीय सहायता गोयल परिवार द्वारा की जा रही है।
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इन वैज्ञानिकों को मिलेगा इस बार गोयल पुरस्कार
गोयल पुरस्कार के लिए इस बार आईआईटी दिल्ली के प्रो. एमेरिटस डॉ. भीम सिंह को चुना गया, जिन्होंने सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणाली विकसित की है। वहीं आईआईएसईआर तिरुपति के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य को नैनो टेक्नोलॉजी में कार्य के लिए चुना गया है। आईआईएससी बेंगलुरू के प्रो. वी नागराजा ने कई एंजाइम की संरचना, कार्यों और तंत्र के बारे में समझ को उन्नत किया है और आईआईएसई बेंगलुरू के प्रो. एसके सतीश ने पृथ्वी-वायुमंडल प्रणाली के विकिरण संतुलन पर एरोसोल के प्रभाव के बारे में महत्वपूर्ण शोध किया है।
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इन वैज्ञानिकों को राजीब गोयल पुरस्कार से नवाजा जाएगा
राजीब गोयल पुरस्कार के लिए युवा वैज्ञानिकों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग बेंगलुरू के डॉ. सप्तर्षि बसु का चयन किया गया है, जिन्होंने द्रव गतिकी के क्षेत्र में योगदान दिया है। वहीं जेएनसीएएसआर बेंगलुरू के डॉ. सेबेस्टियन पीटर ने कई उत्प्रेरक तैयार किए हैं। आईआईटी कानपुर के डॉ. बुशरा अतीक ने कैंसर जीव विज्ञान में अत्याधुनिक शोध किया है। इसके अलावा भौतिकी संस्थान भुवनेश्वर के डॉ. एसके अग्रवाल को मुख्य रूप से न्यूट्रिनो भौतिकी और डिटेक्टर सिमुलेशन अध्ययन में अभिनव योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
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