संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संगीत एवं नृत्य विभाग की ओर स्वर कोकिला लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभाग के सभागार में समस्त शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने लता मंगेशकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
इस दौरान दो मिनट का मौन भी रखा गया। भारतीय विद्या संकाय की अधिष्ठाता प्रो. शुचिस्मिता और संगीत एवं नृत्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आरती श्योकंद ने बताया कि आगामी दिनों में संगीत एवं नृत्य विभाग में लता को श्रद्धांजलि स्वरूप कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उनके गीत गाकर विद्यार्थी और शिक्षक उन्हें स्मरण करेंगे।
वहीं भगवान परशुराम महाविद्यालय के संगीत विभाग में लता मंगेशकर के निधन पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने लता मंगेशकर के जीवन पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने उनके जीवन के संघर्षों तथा उनकी उपलब्धियों की भी जानकारी दी। लता मंगेशकर जैसी शख्सियत हजारों साल में एक बार पैदा होती है। उनका संगीत हमारे दिलों में गूंजता रहेगा।
उन्होंने जीवन के प्रत्येक पहलू को अपने संगीत के माध्यम से छुआ है। इस मौके पर संगीत की विभागाध्यक्ष डॉ. रमा शर्मा, प्रो. शीशपाल, डॉ. हीरा लाल शर्मा, डॉ. नंद किशोर, डॉ. माला राम बंसल, करमजीत, अर्जुन, वीरेंद्र, वासवदत्ता, सुमन शर्मा, मालविका, डॉ. नीरज, डॉ. सुषमा, मनदीप, चेतन शर्मा सहित मौजूद रहे।
केडीबी अधिकारियों और सदस्यों ने दी श्रद्धांजलि
कुरुक्षेत्र। भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर केडीबी के अधिकारियों और सदस्यों ने शोक व्यक्त किया। केडीबी कार्यालय में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
सोमवार को देर सायं केडीबी कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुभव मेहता, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, कर्ण सिंह, सुभाष राविश, अमर सिंह, राजबीर, अश्वनी कुमार सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने लता मंगेशकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सीईओ अनुभव मेहता ने कहा कि लता मंगेशकर ने अपने अंतिम संबोधन में 22 दिसंबर 2021 को श्रीमद्भगवद् गीता के श्लोक को गाते हुए संदेश दिया और आजादी के अमृत महोत्सव पर भी अपने विचार रखे। संवाद