फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन लाख की ठगी के दो आरोपी नामजद

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। थाना कृष्णा गेट पुलिस ने दो आरोपियों को नामजद कर जांच शुरू कर दी है।
मसीता हाउस वासी सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया उसकी मेन बाजार में ज्वेलरी की दुकान है। वह मां भद्रकाली मंदिर में जाता रहता है। वहां उसकी मुलाकात श्याम कॉलोनी वासी सोनू कश्यप से हुई थी। सोनू कश्यप ने बताया कि वह सैनी कॉलोनी वासी विवेक व पटियाला वासी कमलजीत के साथ मिलकर लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। अब ऑस्ट्रेलिया के वर्क वीजा खुले हुए हैं वे उसके बेटे पुनीत का ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा लगवा देंगे। इससे कंपनी उसके बेटे को हर माह डेढ़ लाख से दो लाख रुपये वेतन देगी।
विज्ञापन

आरोपी ने पुनीत को ऑस्ट्रेलिया में वर्क परमिट पर भेजने की एवज में 15 लाख रुपये की मांग की थी। 31 अगस्त 2020 को आरोपी सोनू कश्यप व विवेक उसके घर आए और पुनीत का पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 10वीं व 12वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट साइज के दो फोटो के साथ कुछ खाली पेपर पर पुनीत के हस्ताक्षर करवाए। उन्होंने 15-20 दिन में वर्क वीजा आने का आश्वासन दिया था, लेकिन 15-20 दिन के बाद भी वीजा नहीं आया तो उसे बताया कि अभी कुछ समय लगेगा। 30 सितंबर को सोनू कश्यप व विवेक ने बताया कि पुनीत का वर्क वीजा आ गया है और जल्द ही उसकी फ्लाइट की टिकट कराकर पुनीत को ऑस्ट्रेलिया भेज देंगे।
आरोपियों ने वीजा की पीडीएफ फाइल अपने फोन से पुनीत के मोबाइल पर भेजकर पैसों की मांग की थी। विश्वास होने पर उसने एक अक्तूबर को आरोपियों को 70 हजार रुपये, तीन अक्तूबर को 28 हजार रुपये व चार अक्टूबर को दो हजार रुपये दिए थे। उसके बाद आरोपियों ने दबाव बनाया कि वे टिकट बुक करा रहे हैं और तय राशि दो लाख रुपये जमा कराने होंगे। इस पर उसने सोनू कश्यप व विवेक को दो लाख रुपये दे दिए थे।
विज्ञापन

आरोपियों ने पुनीत की बात पटियाला वासी कमलजीत से कराई और बताया कि उनके पास तीन लाख रुपये आ गए हैं। जल्द ही उसे आस्ट्रेलिया भेज देंगे, मगर कोरोना महामारी के कारण उसके काम में देरी हो रही है। काफी समय बाद भी आरोपियों ने पुनीत को आस्ट्रेलिया नहीं भेजा और बार-बार टालमटोल करते रहे। इस पर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने वीजा की जांच कराई तो वह फर्जी पाया गया। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें