कुरुक्षेत्र। फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर धोखे से प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के मामले में पुलिस ने अन्य दो आरोपियों को काबू किया है। इस मामले में पुलिस ने करनाल निवासी एक महिला नीनू रानी को गिरफ्तार करके पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। आरोपी महिला की निशानदेही पर पुलिस ने मामले में शामिल अन्य दो आरोपी अंकित वासी पोपडा थाना असंध (करनाल) व दिलशाद वासी सिघड़ा हाल किराएदार काछवा रोड करनाल को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से 19 जनवरी तक रिमांड पर लिया है।
थाना सदर थानेसर में 27 दिसंबर को दर्ज शिकायत में करनाल के निसिंग की रहने वाली महिला प्रवेश ने बताया कि उसने आठ जून 2010 को रमेश सिंगला से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-3 में प्लॉट खरीदा था। एचएसवीपी के नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत निर्माण कार्य वर्ष 2010 में कर लिया था। एचएसवीपी से अनुबंधित प्रमाण पत्र संख्या 75 उसे 14 सितंबर 2010 को जारी हो गया था। उस मकान पर बिजली, पानी व सीवर का कनेक्शन उसके नाम से है। बाद में उसने यह प्लॉट नई दिल्ली की खुराना इंजीनियरिंग वर्क्स को किराए पर दे दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार किराएदार ने दिसंबर 2021 में किराया नहीं दिया, जिस पर उसके पति ने पूछताछ की तो किराएदार ने बताया कि उन्होंने खुद तो यह मकान नीनू रानी को बेच दिया। अब नीनू रानी उन पर किराए के लिए दबाव बना रही है।
इस बारे में उन्होंने एचएसवीपी कार्यालय से पूछताछ की तो रिकॉर्ड में यह प्लॉट नीनू रानी के नाम ट्रांसफर हो गया था, जबकि मकान की रजिस्ट्री नीनू रानी के नाम नहीं थी। एचएसवीपी से रजिस्ट्री की कॉपी प्राप्त करने के बाद पाया कि किसी अन्य महिला को उसके स्थान पर खड़ा करके उसके फर्जी आधार व पैन कार्ड बना कर नीनू रानी व रजिस्ट्री के गवाहों के साथ मिलकर रजिस्ट्री कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला नीनू रानी को नामजद करते हुए उसके अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू की थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 11 जनवरी को आरोपी महिला नीनू रानी को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से पांच दिन के रिमांड पर लिया था। अब इस मामले में पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी महिला नीनू रानी की निशानदेही पर मामले में शामिल आरोपी अंकित व दिलशाद को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके 19 जनवरी तक रिमांड पर लिया है।