पिहोवा। सरस्वती नदी पर दोनों तरफ पटरी बनाने का काम किया जा रहा है जिससे आमजन को बड़ा फायदा होगा। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि पूरे प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ खर्च होने हैं। मुख्यमंत्री ने दो साल पहले घोषणा की थी कि सरस्वती के पावन दोनों तरफ पटरी निर्माण का कार्य किया जाएगा जिससे आमजन को फायदे होंगे।
इससे किसानों का बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाया जाएगा। वहीं इस क्षेत्र के डार्क जोन को दूर किया जा सकेगा। महाभारतकालीन एक पदयात्रा, जो भगवान श्रीकृष्ण के भाई बलराम ने युद्ध में हिस्सा न लेकर की थी। इस यात्रा को भी सरस्वती बोर्ड जीवंत करेगा। सरस्वती बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धुमन सिंह किरमच ने बताया कि इस चरण में यमुना नगर के ऊंचा चानना से लेकर पीपली तक का काम जारी है जो कि गुजरात, राजस्थान, हरियाणा के आदी बद्री तक का क्षेत्र पड़ता है।
अभी तक 65 किलोमीटर की पटरी बनाने का काम जारी है जिसका आधा काम हो चुका है और इस पटरी के साथ-साथ जिन गांवों में सरस्वती के किनारे घाट नहीं हैं, वहां पर घाट बनाए जा रहे हैं। रिजर्ववायर बनाए जा रहे हैं ताकि बरसात के सीजन में सरस्वती नदी में आए जल को कुछ समय के लिए रोक कर किसानों के लिए इस्तेमाल किया जा सके और बाढ़ से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रोजेक्ट का निर्माण किया जाएगा जबकि पूरे प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ खर्च होंगे।
पिहोवा। सरस्वती नदी के किनारे को पक्का करने के लिए किया जा रहा कार्य। संवाद