आज मंगलवार को चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। शिवरात्रि को लेकर शिवालयों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन शिवरात्रि पर कांवड़ियों तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंतजाम करने में जुटे हैं। वहीं कांवड़ियों का हरिद्वार से कांवड़ लाने का सिलसिला जारी रहा। मंदिर कमेटियों तथा धार्मिक व सामाजिक संगठनों की ओर से लगाए गए कांवड़ शिविरों में कांवड़ियों का स्वागत किया जा रहा है। इन शिविरों में कांवड़ियों के खान-पान, चिकित्सा तथा ठहरने का पूरा इंतजाम किया गया। सोमवार को जगह-जगह शिव आराधना में भजनों की गूंज सुनाई दी। कांवड़ियों के साथ अन्य श्रद्धालु भी शिव भजनों पर खूब झूमे। सावन मास में कृष्ण पक्ष चतुदर्शी तिथि को शिवरात्रि का त्योहार मनाने की परंपरा पुरानी है। मंगलवार शाम 6 बजकर 48 मिनट तक त्रयोदशी तिथि है। इसके उपरांत चतुर्दशी तिथि लगेगी। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए उत्तम समय शाम 7 बजकर 24 मिनट से रात 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
प्रसिद्ध दुखभंजन मंदिर, स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर, कालेश्वर मंदिर, सर्वेश्वर महादेव मंदिर, त्रिकालेश्वर महादेव मंदिर, संगमेश्वर महादेव मंदिर अुरुणाय सहित शिवालयों पर शिवरात्रि के उपलक्ष्य में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचेंगे। इसे लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामात किए हुए हैं। शहर के बड़े मंदिरों में जलाभिषेक के दौरान पुलिस मुस्तैद रहेगी। महिला पुलिसकर्मी भी सतर्क रहेंगी। राइडर व पीसीआर मंदिर व शिविर के आसपास घूमती रहेंगी। मंदिर के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। वहीं दूसरी ओर यातायात पुलिसकर्मी भी मुस्तैद है। पुलिस कांवड़ियों को परेशान नहीं होने देगी, इसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।