संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत प्राकृतिक खेती की मुहिम के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को आगे बढ़ाते हुए लोगों को ईंधन बचाने, पर्यावरण सरंक्षण व सादगीपूर्ण जीवन शैली अपनाने का संदेश देंगे। वह वीरवार को ट्रेन के माध्यम से गुजरात से कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। इसके बाद बाद गुरुकुल तक साइकिल पर यात्रा करेंगे।
उनके साथ विशाल काफिला नहीं होगा बल्कि गुरुकुल के ही कुछ पदाधिकारी व अन्य लोग स्वागत के लिए पहुंचेंगे और आचार्य देवव्रत के साथ गुरुकुल तक साइकिल से हीजाएंगे। यहां पर राज्यपाल विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
राज्यपाल के ओएसडी राजेंद्र विद्यालंकार ने बुधवार को गुरुकुल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि आचार्य देवव्रत गुजरात के 20वें राज्यपाल हैं। उन्होंने गुजरात में भी अपने साथ रहने वाला काफिला हटा दिया है। अब उनके साथ दो से तीन गाड़ियां ही चलती है।
यहीं नहीं उन्होंने अधिकतर कार्य आभाषी तौर पर ही करते हैं। यहीं नहीं उन्होंने व्यक्तिगत यात्राओं के लिए स्टेट हेलिकॉप्टर का प्रयोग करना भी बंद कर दिया है। वे गुजरात से कुरुक्षेत्र तक ट्रेन के जरिए ही पहुंचेंगे। उनकी ऐसी पहल को देखकर ही गुरुकुल के सभी लोगों ने भी दो दिन कार फ्री डे मनाने का निर्णय लिया गया है।
राजेंद्र विद्यालंकर ने बताया कि आचार्य देवव्रत राज्यपाल बनने से पहले कुरुक्षेत्र गुरुकुल के प्रधानाचार्य रहे। इसके बाद वे वर्ष 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे और वर्ष 2019 में उन्होंने गुजरात के राज्यपाल का पद संभाला। गुजरात के राज्यपाल बनते समय संस्कृत में शपथ लेकर अलग पहचान दिखाई।
11 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया। वह नवंबर 2025 जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। अप्रैल 2026 भिवानी में आयोजित नेचुरल फार्मिंग सेमिनार में किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्हें आर्य समाज से जुड़ाव और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है। संवाद