संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को आचार्य दक्षता वर्ग का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षकों ने मन की एकाग्रता को बढ़ाने के लिए आसन, योग व प्राणायाम करवाए गए। बौद्धिक सत्र महक का रहा, जिसमें उन्होंने पंच परिवर्तन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण ,स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य आवश्यक है। स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना ही राष्ट्र प्रेम की सच्ची अभिव्यक्ति हैं।
प्राचार्या सुमन बाला ने बताया कि पंच परिवर्तन का अर्थ जीवन और समाज में पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। स्व का बोध पंच परिवर्तन के लिए अति आवश्यक है जब हमें स्व का बोध होगा तो सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य को हम अच्छे से पूर्ण कर पाएंगे। शिक्षण सत्र में बिंदु ने स्पोकन इंग्लिश विषय संबंधी रचनात्मक गतिविधियां करवाई, जिसमें सभी आचार्य बहनों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। समता में गण विभाग, प्रतिसर, पूर्वसर, वामवृत, दक्षिणवृत ,वामसर, दक्षिणसर एवं अर्धवृत की आज्ञाओं का अभ्यास करवाया गया। एकाग्रता तथा आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न पारंपरिक खेल करवाए गए।