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Kurukshetra News: छात्रों को सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन के बताए उपाय

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कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को संबो​धित करती वक्ता। संवाद
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कुरुक्षेत्र। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में मानसिक कल्याण : केवल प्रयास नहीं बल्कि उत्कर्ष की ओर विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. प्रतिभा अग्रवाल, डीन (छात्र कल्याण) और विशिष्ट अतिथि डॉ. दिक्षित गर्ग, एसोसिएट डीन व विभागाध्यक्ष, मेकेनिकल इंजीनियरिंग एवं रोबोटिक्स रहे। दोनों अतिथियों को थॉट लैब के समन्वयक डॉ. राजेश अग्रवाल ने पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
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प्रो. प्रतिभा अग्रवाल ने छात्रों को मेनिफेस्टेशन की अवधारणा से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सुदृढ़ लक्ष्य निर्धारण न केवल व्यक्तिगत कल्याण को बढ़ाते हैं, बल्कि शैक्षणिक प्रदर्शन में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसके बाद डॉ. राजेश अग्रवाल ने कहा कि ध्यान मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और संतुलित जीवनशैली प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है।

प्रो. दीक्षित गर्ग ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य विशेषज्ञ सत्र एनआईटी की परामर्शदाता अंजली तनेजा की ओर से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने केवल प्रयास नहीं बल्कि उत्कर्ष की ओर विषय को व्यावहारिक उदाहरणों से समझाते हुए छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता और उसके दैनिक जीवन पर प्रभाव के बारे में जागरूक किया। भावनाओं का प्रबंधन, स्वस्थ रिश्ते बनाना, तनाव से निपटने की तकनीकें, नियमित दिनचर्या अपनाने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने की महत्ता पर जोर दिया। उनके सत्र ने छात्रों को यह समझाया कि मानसिक कल्याण निर्णय-निर्माण, उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करता है। इस मौके पर डॉ. योगेश अग्रवाल, डॉ. रवि प्रताप, डॉ. कंचन सहित अन्य सदस्य, शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को संबोधित करती वक्ता। संवाद

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