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Kurukshetra News: शहर में नहीं एक भी पिंक शौचालय, खरीदारी करने आई महिलाओं को उठानी पड़ती है परेशानी

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कुरुक्षेत्र। बाजार में खरीदारी करने आई महिलाएं। संवाद
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कुरुक्षेत्र। शहर में खरीदारी करने आ रही महिलाएं बाजार में बुनियादी सुविधाओं से जूझ रही है। शहर के किसी भी बाजार में पिंक शौचालय नहीं है। महिलाओं को शौच के लिए जाने से लेकर बच्चों को फीडिंग करवाने तक परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी तक न ही नगर परिषद ऐसा कोई महिलाओं के लिए विशेष शौचालय बनाने का विचार कर रही है, इसके चलते महिलाओं को अभी इस तरह की समस्याओं का लंबे समय तक सामना करना पड़ सकता है।
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स्थानीय महिला संगठन लंबे समय से बाजार में महिलाओं के लिए विशेष पिंक शौचालय बनाने की मांग उठाते रहे हैं। बाजार में पिंक शौचालय व महिलाओं के लिए शौचालय भी बाजार से काफी दूर होने पर उन्हें खरीदारी बीच में छोड़कर जल्दी घर लौटना पड़ता है। मजबूरी में अगर लंबे समय तक बाजार में रुकना पड़ जाए तो काफी तरह की असुविधाजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। संगठन की पदाधिकारी कहती हैं कि इस समस्या का सबसे ज्यादा सामना गर्भवती, बुजुर्ग व छोटे बच्चों के साथ आई महिलाओं को करना पड़ता है।
शहर के पुराना बाजार थानेसर, सेक्टर 13 मार्केट, मोहन नगर व नए बस अड्डे के इर्द-गिर्द पिंक शौचालय बनाने के लिए महिला संगठन मांग करते रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। महिलाओं का कहना है कि शहर में पुरुषों के लिए सार्वजनिक शौचालय तो उपलब्ध हैं, लेकिन महिलाओं के लिए समुचित और सुरक्षित व्यवस्था का अभाव है। इससे महिलाओं को न केवल असुविधा होती है, बल्कि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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पिंक शौचालय बनाने के लिए पहले संगठन देगा ज्ञापन फिर उतरेगा सड़क पर : ज्योति
सोशल मीडिया इंफलुऐंसर ज्योति परमार का कहना था कि वह अक्सर अपने ब्लॉग बनाने के लिए बाजार की ओर जाती है। इस दौरान वह महिलाओं से चर्चा करती है तो पिंक शौचालय न होने की समस्या सामने आती है। उन्हें बाजारों में आने पर खुद भी परेशानी झेलनी पड़ती है। अपने ब्लॉग के जरिए भी कईं बार यह मुद्दा उठा चुकी है। प्रशासन को इस पर गंभीरता दिखानी चाहिए।


बाजार में शौचालय न हाेने के चलते महिलाएं संकोच में सहन करती है पीड़ा : सुदेश
सामाजिक कार्यकर्ता सुदेश कुमारी का कहना है कि प्रशासन को इस तरह ध्यान देना चाहिए। सरकार एक तरफ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े दावे-दावे कर रही है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के गृह जिले के बाजारों में महिलाओं के लिए पिंक शौचालय तक नहीं है। और न ही बाजारों में दूर-दूर तक शौचालय और जो है वहां उचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते महिलाओं को बाजार में शौचालय न हाेने के चलते संकोच में असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ता है।


पिंक शौचालय तो नहीं लेकिन अन्य शौचालय में सेनेटरी पेड भी रखवाए : माफी ढांडा
नगर परिषद चेयरपर्सन माफी ढांडा ने कहा कि शहर में अभी तक कोई पिंक शौचालय नहीं बना हुआ है। अन्य शौचालय की उचित व्यवस्था की गई है, जिनमें सेनेटरी पेड तक रखाएं हुए हैं। शहर में पिंक शौचालय बनाने के लिए हाउस की अगली बैठक में मुद्दा रखकर विचार किया जाएगा।
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