कुरुक्षेत्र। जिले में भ्रूण लिंग जांच गिरोह सक्रिय है। स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे जांच हो रही है। इन मामलों में गिरफ्तारी होने के बाद गिरोह के सदस्य जमानत लेकर दोबारा काम कर रहे हैं। भ्रूण लिंग जांच गिरोह पर भी विभाग नकेल नहीं कस पा रहा। गिरफ्तारी होने के बाद बेल लेकर फिर से गिरोह सदस्य भ्रूण लिंग जांच करा रहे हैं। कई सदस्य ऐसे है जो भ्रूण लिंग जांच मामले में दो से तीन बार पकड़े जा चुके है।
मामलों में नकेल कसना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। हाल ही में हुई कुछ दबिश से इसका पता चला है। विभाग की टीम के हत्थे चढ़े कई आरोपी पहले भी भ्रूण लिंग जांच कराते पकड़े जा चुके हैं। अंबाला निवासी कृष्ण गोपाल पर भ्रूण लिंग जांच मामले में कुरुक्षेत्र में छह सितंबर 2020 व दो अप्रैल 2021 में पकड़ा जा चुका है। इतना ही नहीं कृष्ण गोपाल अंबाला में भी दो बार पकड़ा जा चुका है। वहीं, अन्य जिले में भी एक बार पकड़ा जा चुका है। वहीं पकड़े गए अन्य आरोपी भी एक से दो बार अन्य जिलों में भी भ्रूण लिंग जांच कराते पकड़े जा चुके हैं। संवाद
भ्रूण लिंग जांच के महज दो मामलों में ही हुई सजा
आठ साल में भ्रूण लिंग जांच के मामले में अब तक महज एक ही महिला को सजा हुई है। लाडवा के निकटवर्ती एक गांव में महिला लड़का होने की दवा देती थी, जिसको स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था। उक्त मामले में जिला कोर्ट ने महिला राजकली को एक साल की सजा व 2 हजार रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने की एवज में महिला को 30 दिन की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा था। वहीं एक अन्य मामले में कुलदीप को सजा हुई थी। इस साल अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार रेड की । जोकि सभी कामयाब रही । जिसमें करीब 10 लोगों पर मामले दर्ज किए गए । विभाग ने पहली रेड नौ फरवरी को अंबाला में की उसके बाद 25 अप्रैल को पूंडरी, 20 मई को रादौर, 16 जून को पूंडरी में रेड की। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक करीब 62 रेड की । इनमें अधिकतर मामलों में दोषी बेल लेकर बाहर है।
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2021 2022 2023 2024 2025
रेड 4 8 10 4 5
दूसरे जिले में 1 4 7 4 3
जिले में 3 4 3 0 2
एफआईआर पीएनडीटी 3 8 9 4 4
एफआईआर एमटीपी 1 0 1 0 1
गिरफ्तारी 12 32 27 13 11
स्वास्थ्य विभाग ने साल 2021 से लेकर अब तक पीएनडीटी एक्ट व एमटीपी एक्ट के तहत 62 रेड की। जिसमें 95 लोगों पर मामले दर्ज कराए गए।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई
परिवार नियोजन अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच गिरोह में पकड़े गए अपराधियों के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो। मामलों में लेट सुनवाई होने से भ्रूण लिंग जांच गिरोह के सदस्य जमानत लेकर दाेबारा से सक्रिय हो जाते हैं।