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Kurukshetra News: सरकारी खरीद के अभाव में सरसों के नुकसान की आशंका

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बाबैन। सरसों की खरीद के दौरान निरीक्षण करते व्यापारी। संवाद
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बाबैन। क्षेत्र के किसानों को सरसों की फसल का उचित मूल्य न मिलने के कारण भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को मजबूरन सरसों की फसल खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। बाबैन अनाजमंडी में सरसों का भाव लगभग 5500 रुपये से 5600 रुपये प्रति क्विंटल तक लगाया गया, जोकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम है।
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किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सरकार की ओर से सरसों की खरीद शुरू कर दी जाती तो फसल का उचित दाम मिल सकता था लेकिन खरीद प्रक्रिया में देरी के कारण बिचौलियों और व्यापारियों को फायदा हो रहा है। इसके कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फसल तैयार होने के बाद उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों के कारण तुरंत फसल बेचनी पड़ती है। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू न होने से कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ रहा है। भाकियू जिलाध्यक्ष कृष्ण कलाल माजरा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरसों की सरकारी खरीद तुरंत प्रभाव से शुरू की जाए। किसानों को एमएसपी के अनुसार उचित मूल्य मिल सकेगा। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान होना चाहिए और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए।

बाबैन। सरसों की खरीद के दौरान निरीक्षण करते व्यापारी। संवाद

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