प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह बहस करते हुए रेलवे ट्रैक की ओर चले गए। कुछ देर बाद ट्रेन की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शी इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मारकंडा नदी के रेलवे पुल पर ट्रेन की चपेट में आने से मृत मिले युवक और युवती की पहचान मंगलवार देर रात तक नहीं हो सकी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने उनकी शिनाख्त के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब दोनों के उंगलियों के निशान अंबाला कैंट प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
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पुलिस को उम्मीद है कि उंगलियों के निशान से दोनों की पहचान हो सकेगी। घटना के 72 घंटे पूरे होने पर बुधवार, 5 अगस्त 2026 को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। जांच में सामने आया कि युवती की दाहिनी बाजू पर ''महाकाल'' लिखा था। उसके गले में काला धागा भी बंधा हुआ था। पुलिस इसे पहचान का महत्वपूर्ण आधार मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। सोशल मीडिया पर युवक की शर्ट की फोटो वायरल हुई थी।
घटनाक्रम और जांच
जीआरपी को कई लोगों के फोन आए, जिन्होंने बताया कि घटना से पहले युवक और युवती को नेशनल हाईवे स्थित नो गजा पीर के पास देखा गया था। पुलिस इन जानकारियों का सत्यापन कर रही है। रविवार, 2 अगस्त 2026 को युवक और युवती शाहाबाद स्थित मारकंडा मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें मारकंडा नदी के पास पार्किंग में बहस करते देखा गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह बहस करते हुए रेलवे ट्रैक की ओर चले गए। कुछ देर बाद ट्रेन की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शी इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।