कुरुक्षेत्र। राजेश हत्याकांड में आरोपी पत्नी बिमला अब हत्या के पीछे की वजह के लिए अलग-अलग कहानियां सुना रही है। उसने उपचार के दौरान अपनी भाषा समझने वाली एक महिला को मैथिली में बताया कि राजेश ने जहर निगल लिया था और वह तड़प रहा था। उसकी हालत देखी नहीं गई और यह देख मेरा कलेजा फटने को हो गया, इसलिए उसने चाकू से राजेश का पेट काट दिया और उसका दिल निकालकर हाथ पर रख लिया। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. गौरव ने राजेश के जहर खाने और दिल निकाले जाने की बात से इन्कार किया है।
पुलिस और चिकित्सकों के मुताबिक बिमला अलग-अलग समय पर अलग-अलग बयान दे रही है। वह कभी राजेश को अपना पति बता रही है तो कभी चचेरा भाई। इससे पहले राजेश के मकान मालिक रिंकू की मां अमरो देवी ने पुलिस को बताया था कि 21 अगस्त को राजेश की हत्या के बाद बिमला कह रही थी कि उसके ऊपर काली माता आ गई थी। अस्पताल में उसने अपनी भाषा समझने वाली महिला से कहा कि राजेश उसका चचेरा भाई था और किसी आत्मा ने उससे यह काम करवाया। इससे उसके बयानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
अंदरूनी अंग जांच के लिए भेजे
कट्टे में मिले मृतक राजेश के अंदरूनी अंगों को जांच के लिए मोगीनंद, पंचकूला स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमार्टम और प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर शरीर के पूरे अंगों का मिलान किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। वहीं पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. गौरव ने बताया कि उन्होंने शव के अंदर मिले अंगों की रिपोर्ट तैयार कर ली है। उनके अनुसार उसके शरीर के अंदर राइट साइड किडनी, लिवर का कुछ हिस्सा, छोटी व बड़ी आंत के कटे हुए हिस्से लगे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने जो कटे व फोटो में अंदरूनी अंग देखे थे। उन्हें देखकर लग रहा था कि उसका कोई अंग गायब नहीं हैं। वह अब इन सब अंगों को नाॅर्मल सलाइन यानी नमक के पानी में डालकर पुलिस ने मोगीनंद प्रयोगशाला में भेजा है जहां से रिपोर्ट आने के बाद ही अंगों का मिलान होने के बाद अंग पूरे हैं या नहीं है। इस बात की पुष्टि हो पाएगी।
पेट पर एक कट, जांघों पर खून से बना तीर का निशान, जहर खाने जैसा कुछ नहीं : डॉ. गौरव
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव के अनुसार बिमला ने राजेश के पेट पर केवल एक कट लगाया था। दोनों जांघों पर खून लगा हुआ था, जो जमने के बाद वायरल फोटो में तीर के निशान जैसा प्रतीत हो रहा है। डॉ. गौरव का कहना है कि केवल इस निशान के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि इसे जानबूझकर बनाया गया था या खून बहने और जमने के कारण ऐसी आकृति बनी। इस संबंध में जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान राजेश की आंतें गायब थी। ऐसे में यह स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हो सकी कि उसने जहरीला पदार्थ खाया था या नहीं। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राजेश के शरीर में किसी जहरीले या नशीले पदार्थ के अवशेष थे या नहीं।
पुलिस बोली, रिपोर्ट आने के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
केयूके थाना प्रभारी सुरेंद्र सिद्धू ने बताया कि आरोपी महिला ने प्लास्टिक के कट्टे में आंतों के साथ शरीर के अन्य अंग भी रखे थे। बरामद अंगों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और अभी रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने बताया कि अब तक बिमला के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। उसके बयान दर्ज होने और प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की परिस्थितियों और शरीर के अंग निकालने के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।