शाहाबाद। क्षेत्र में बाढ़ का संकट अब भी जारी है। रविवार सुबह से मारकंडा नदी का जलस्तर घटने लगा, साथ ही पानी का बहाव कम हुआ है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों को अब तक किसी प्रकार की राहत नहीं मिल पाई है।
मारकंडा और टांगरी नदियों के उफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जानकारी के अनुसार, शाहाबाद क्षेत्र के कठवा, गुमटी, कलसाना, मलकपुर, मुगलमाजरा, तंगौर, पाड़लू, रावा, दामली, पट्टी जमाड़ा, अरूप नगर, मदनपुर और मोहनपुर गांवों में करीब 16 हजार एकड़ खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। टांगरी नदी का पानी गांव नलवी, गोलपुरा, मद्दीपुर, सुलखनी और कल्याना में 100 प्रतिशत धान की फसल बर्बाद कर गया है। सैदपुरा, रायपुर और नई बस्ती नलवी में लगभग 80 प्रतिशत फसलें खराब हो गई हैं। शनिवार को कालाअंब और नाहन में हुई बारिश का असर रविवार आधी रात को शाहाबाद पहुंचा।
रविवार को पहाड़ों में बारिश नहीं हुई लेकिन शाहाबाद शहर में शाम को झमाझम बरसात से गलियां और कॉलोनियां फिर से पानी में डूब गईं। यह स्थानीय बारिश नदी के जलस्तर पर असर नहीं डाल पाई।
खबर लिखे जाने तक मारकंडा में लगभग 18 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था जो पिछले दिनों की तुलना में कम जरूर है लेकिन किसानों की चिंता कम नहीं कर सका।
शाहाबाद। गांव मद्दीपुर में जमा टांगरी नदी का पानी। संवाद